अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
स्कूली बसों की सुरक्षा में बड़ा खेल! चालक बिना ड्रेस, बसों के कैमरे बंद; पुलिस ने काटे चालान
हल्द्वानी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंगलवार सुबह यातायात पुलिस के सघन चेकिंग अभियान में स्कूली वाहनों की लापरवाही की पोल खुल गई। जांच के दौरान कई बसों में चालक निर्धारित ड्रेस में नहीं मिले, जबकि कुछ वाहनों में बच्चों की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर पुलिस ने संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की।
एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर चला अभियान
एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर चलाए गए अभियान का नेतृत्व निरीक्षक यातायात हल्द्वानी भूपेश पाण्डेय ने किया। यातायात पुलिस की टीम ने हल्द्वानी क्षेत्र में स्कूली बसों और अन्य वाहनों को रोककर दस्तावेजों के साथ बच्चों की सुरक्षा से जुड़े उपकरणों एवं निर्धारित मानकों की जांच की।
चेकिंग के दौरान कई स्कूली वाहनों में चालक निर्धारित ड्रेस में नहीं मिले। वहीं, कुछ बसों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे। पुलिस ने इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित वाहन चालकों के चालान किए।
कैमरा लगा होना नहीं, चालू होना जरूरी
पुलिस ने वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी मानक की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा उपकरण केवल लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका हर समय चालू हालत में होना भी जरूरी है, ताकि किसी घटना की स्थिति में बच्चों की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसी तरह चालक और परिचालक का निर्धारित ड्रेस में होना भी स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को वाहनों की नियमित जांच कराने और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: एसएसपी
एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यातायात पुलिस की कार्रवाई के बाद अब स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे बच्चों को ले जाने वाले प्रत्येक वाहन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।

