अजय अनेजा पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
बिंदुखत्ता के साथ सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं, केंद्र भेजी गई पत्रावली पर नेगी ने सरकार को घेरा
11वें दिन भी जारी रही बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की पदयात्रा, 450 से अधिक लोग हुए शामिल; 27 सितंबर की रैली को सफल बनाने का आह्वान
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर चल रही पदयात्रा सोमवार को 11वें दिन भी जारी रही। राजीव नगर से शुरू हुई पदयात्रा गैलागेट होते हुए संजयनगर पहुंची। पदयात्रा में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत साढ़े चार सौ से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान 200 से अधिक परिवारों से संपर्क कर आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित रैली को सफल बनाने का आह्वान किया गया। रात्रि विश्राम एवं कार्यक्रम संजयनगर स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित किया गया।
पदयात्रा के समापन अवसर पर पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत नेगी ने सरकार पर बिंदुखत्ता के साथ दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वनाधिकार कानून के तहत 75 वर्ष या तीन पीढ़ी की बाध्यता को लेकर 8 नवंबर 2013 को जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा स्पष्टीकरण जारी किया गया था। इसके बाद देशभर में वनाधिकार कानून के तहत 1700 से अधिक राजस्व ग्राम बनाए जा चुके हैं, जिनमें उत्तराखंड के छह राजस्व ग्राम भी शामिल हैं।

नेगी ने दावा किया कि इन मामलों में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, भारत सरकार तथा सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति लिए बिना सीधे राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी की गई है और इससे संबंधित प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश के अन्य हिस्सों में इसी प्रक्रिया के तहत राजस्व ग्राम बनाए जा चुके हैं, तो बिंदुखत्ता की पत्रावली को केंद्र सरकार के पास भेजकर प्रक्रिया को क्यों उलझाया जा रहा है?
उन्होंने इसे बिंदुखत्ता के साथ दोहरे मापदंड और सौतेले व्यवहार का उदाहरण बताते हुए सरकार से मांग की कि वनाधिकार कानून के तहत बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और जल्द अधिसूचना जारी की जाए।
पदयात्रा में शामिल लोगों को कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर “दिमागी नक्सल” जैसे शब्द कहे जाने पर भी नेगी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की मुहिम कानून और अभिलेखों के आधार पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से चल रही है। यदि किसी को प्रक्रिया पर कोई शंका है तो बंद कमरे में आरोप लगाने के बजाय खुले मंच पर आकर कानून और अभिलेखों के आधार पर चर्चा करनी चाहिए।
नेगी ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता अपने अधिकार के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रही है और सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस मामले का शीघ्र समाधान करना चाहिए।
पदयात्रा में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट, यात्रा संयोजक अर्जुन नाथ, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा भरत नेगी, दीपक जोशी, महेश फुलारा, बलवंत बिष्ट, नंदन बोरा, प्रकाश उत्तराखंडी, धर्मेंद्र कोरंगा, गौला खनन समिति के मनोज दानू, सुशील यादव, दीपक नेगी, रामलीला कमेटी संजयनगर अध्यक्ष गोविंद मेहता, सोहनलाल, दीवान सिंह बरगली, धरम सिंह शाही, लक्ष्मण बथ्याल, दीपक सिंह बथ्याल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

