अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
काठगोदाम से कैंची धाम तक बनेगा रोपवे, 14.9 किमी लंबा होगा मार्ग; नैनीताल का सफर 20-25 मिनट में
₹2800 करोड़ के प्रस्तावित प्रोजेक्ट में काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी में बनेंगे स्टेशन, ज्योलीकोट से कैंची धाम को भी जोड़ा जाएगा
हल्द्वानी। काठगोदाम से हनुमानगढ़ी और कैंची धाम तक प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट को गति देने के लिए बुधवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में प्रमुख सचिव ऊर्जा, नियोजन, सिंचाई एवं लघु सिंचाई डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित रोपवे की तकनीकी, यातायात, पार्किंग, वन भूमि और पर्यटन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी, सुशासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं आयुष विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय तथा सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने भी प्रतिभाग किया। अधिकारियों ने बताया कि काठगोदाम और ज्योलीकोट से कैंची धाम को भी रोपवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना प्रस्तावित है। इससे देशभर से कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं को वैकल्पिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
14.9 किलोमीटर लंबा होगा रोपवे
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत जैन ने बैठक में बताया कि प्रस्तावित काठगोदाम-नैनीताल रोपवे की अनुमानित लागत करीब 2800 करोड़ रुपये होगी। कुल 14.9 किलोमीटर लंबे रोपवे मार्ग पर 58 टावर प्रस्तावित हैं। इसमें काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी स्टेशन बनाए जाने की योजना है।
प्रस्ताव के अनुसार रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक एक तरफ का किराया 375 रुपये प्रति व्यक्ति प्रस्तावित है। रोपवे के जरिए प्रति घंटे करीब 1800 यात्री सफर कर सकेंगे और रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक की यात्रा लगभग 20 से 25 मिनट में पूरी होने का अनुमान है।
काठगोदाम स्टेशन तक पहुंचेगा फुट ओवर ब्रिज
रोपवे यात्रियों की सुविधा के लिए काठगोदाम रेलवे स्टेशन से रोडवेज परिसर तक करीब 250 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा काठगोदाम और आसपास पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक अपने वाहन पार्क कर रोपवे के माध्यम से आगे की यात्रा कर सकें।
प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने निर्देश दिए कि हनुमानगढ़ी स्टेशन पर अत्यधिक यातायात दबाव न बने, इसके लिए अभी से समुचित ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए। रानीबाग में स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि वहां करीब 33 एकड़ भूमि रिक्त है, जहां रोपवे स्टेशन के साथ पार्किंग विकसित करने की संभावनाएं देखी जाएंगी।
ज्योलीकोट बनेगा जंक्शन, कैंची धाम से जुड़ेगा रोपवे
प्रमुख सचिव ने कहा कि ज्योलीकोट रोपवे स्टेशन को जंक्शन स्टेशन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। यहीं से कैंची धाम के लिए रोपवे कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है। उन्होंने वन विभाग से संबंधित भूमि हस्तांतरण की प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने तथा एनएचएलएमएल और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के अनुसार हल्द्वानी-काठगोदाम से नैनीताल की ओर सड़क पर पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव को रोपवे के जरिए वैकल्पिक परिवहन उपलब्ध कराकर कम करने में मदद मिल सकती है। इससे पर्यटकों के यात्रा समय में कमी के साथ पार्किंग व्यवस्था पर भी दबाव घटने की संभावना है।
रोपवे परियोजना से काठगोदाम, हल्द्वानी और रानीबाग के होटल, होम-स्टे, रेस्टोरेंट, टैक्सी, दुकान और अन्य पर्यटन कारोबारों को भी यात्रियों की बढ़ती आवाजाही से लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। निर्माण और संचालन के दौरान तकनीकी रखरखाव, सुरक्षा, टिकटिंग, पार्किंग तथा पर्यटन सेवाओं में रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी से नैनीताल तक का पर्वतीय क्षेत्र भौगोलिक रूप से संवेदनशील है। इसलिए तकनीकी अध्ययन पूरा होने के बाद ही परियोजना के अगले चरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, एनएचएलएमएल के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत जैन, उपजिलाधिकारी मोनिका सहित लोक निर्माण विभाग, विद्युत, वन, सिंचाई एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

