बड़ी खबर एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़, 114 जोड़े हत्था जोड़ी समेत प्रतिबंधित वन्यजीव सामग्री बरामद: देखें वीडियो

 

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़, 114 जोड़े हत्था जोड़ी समेत प्रतिबंधित वन्यजीव सामग्री बरामद

जसपुर में पुलिस और SOG की संयुक्त कार्रवाई, तंत्र-मंत्र व पूजा-पाठ के नाम पर ऊंचे दामों में बेचता था वन्यजीवों के अंग; इंस्टाग्राम के जरिए भी करता था ऑनलाइन बिक्री

जसपुर। ऊधमसिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जसपुर पुलिस और SOG काशीपुर की संयुक्त टीम ने वन्यजीवों के अंगों की तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 114 जोड़े हत्था जोड़ी, जंगली सूअर का एक दांत, पांच मोती शंख और एक वीवो मोबाइल फोन बरामद किया गया है। वन विभाग की टीम ने बरामद सामग्री की पहचान करते हुए संबंधित प्रजातियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित बताया है।

पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को जसपुर क्षेत्र में शांति व्यवस्था एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान पुलिस और SOG की संयुक्त टीम शहीद अमित कुमार बग्गा द्वार के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राजपूत सभा भवन गेट के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से वन्यजीवों के अंग बेच रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर पहुंचकर तीन प्लास्टिक के डिब्बों के साथ एक व्यक्ति को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी की पहचान आकाश दीक्षित (32 वर्ष), पुत्र विपिन दीक्षित, निवासी मोहल्ला कटरा, थाना सहसवान, जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी राजपूत सभा भवन, वार्ड नंबर चार, जसपुर के रूप में हुई।

400-500 रुपये में खरीदकर 4-5 हजार में बेचता था

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह हरिद्वार निवासी अमन से हत्था जोड़ी के प्रत्येक जोड़े को 400 से 500 रुपये में खरीदता था और लोगों को धन प्राप्ति, तंत्र-मंत्र तथा पूजा-पाठ के नाम पर 4,000 से 5,000 रुपये प्रति जोड़ा बेचता था। आरोपी अपनी इंस्टाग्राम आईडी divyapoojasamagri के माध्यम से भी ऑनलाइन बिक्री करता था।

 

वन विभाग ने की बरामद सामग्री की पहचान

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी जसपुर दक्षिणी रेंज अनुस्वार टम्टा और उनकी टीम को मौके पर बुलाया गया। वन विभाग की टीम ने बरामद सामग्री की जांच और पहचान की। पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री में गोह के अंग बताए गए हत्था जोड़ी, जंगली सूअर का दांत और मोती शंख शामिल हैं। वन विभाग ने इन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित प्रजातियों से संबंधित बताया।

आरोपी के विरुद्ध कोतवाली जसपुर में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9/39/49A/50/51 के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

यह रही पुलिस टीम

कार्रवाई में कोतवाली जसपुर के उपनिरीक्षक बसंत प्रसाद और कांस्टेबल बिरेन्द्र दत्त शामिल रहे। SOG काशीपुर की टीम का नेतृत्व प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील सुतेड़ी ने किया। टीम में हेड कांस्टेबल विनय कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, कांस्टेबल हरीश गोस्वामी, कांस्टेबल इमरान खान और कांस्टेबल गिरीश कांडपाल शामिल रहे।

वन विभाग की ओर से रेंजर अनुस्वार टम्टा, वन दरोगा हरीश चन्द्र सिंह नयाल और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को वन्यजीव तस्करी के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।