बिंदुखत्ता के ग्रामीण समाजसेवी दीपक जोशी अध्यक्ष बेरोजगार संगठन कुमाऊँ मंडल ने खोला मोर्चा, बोले स्टोन क्रेशर का प्रदूषण बंद नहीं हुआ तो जल्द करेंगे आंदोलन: देखें इंटरव्यू

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉

बिंदुखत्ता में ‘हल्द्वानी स्टोन क्रेशर’ के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रदूषण और जर्जर सड़क को लेकर आंदोलन की चेतावनी

दीपक जोशी बोले— ध्वनि, वायु, जल प्रदूषण और उड़ती धूल से ग्रामीण त्रस्त, कार्रवाई न हुई तो कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री तक जाएगा ज्ञापन
लालकुआं/बिंदुखत्ता।
बिंदुखत्ता लालकुआं स्थित बहुचर्चित हल्द्वानी स्टोन क्रेशर के खिलाफ अब स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। क्षेत्र में फैले ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, उड़ती धूल और ओवरलोड वाहनों से क्षतिग्रस्त सड़क को लेकर लगातार विरोध तेज होता जा रहा है।
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड जागरण ‘तीसरी आंख’ के संपादक अजय अनेजा पिछले लगभग एक सप्ताह से क्षेत्रीय ग्रामीणों की आवाज बनकर इस गंभीर समस्या को लगातार प्रमुखता से उठा रहे हैं और शासन-प्रशासन, जिला प्रशासन तथा सरकार से मांग कर रहे हैं कि स्टोन क्रेशर से फैल रहे प्रदूषण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्टोन क्रेशर के संचालन से आसपास के इलाके में रहने वाले लोग लंबे समय से धूल, शोर और प्रदूषित वातावरण की मार झेल रहे हैं। इतना ही नहीं, क्रेशर से जुड़े ओवरलोड वाहनों की आवाजाही के कारण वहां का मुख्य रास्ता वर्षों से खस्ताहाल और क्षतिग्रस्त बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों, बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक आवागमन करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दीपक जोशी ने खोला मोर्चा
इस मुद्दे पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं बेरोजगार संगठन कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दीपक जोशी ने भी खुलकर अपना विरोध दर्ज कराया है। दीपक जोशी, जो स्वयं बिंदुखत्ता क्षेत्र के ग्रामीण हैं और पेशे से किसान भी हैं, उन्होंने उत्तराखंड जागरण ‘तीसरी आंख’ के संपादक अजय अनेजा को दिए गए इंटरव्यू में स्टोन क्रेशर के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई।
दीपक जोशी ने कहा कि स्टोन क्रेशर से उठने वाली धूल, ध्वनि और प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रदूषण से क्षेत्र में लोगों को टीबी जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में और भयावह रूप ले सकता है।
“कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन”
दीपक जोशी ने शासन-प्रशासन और जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वह कुमाऊं कमिश्नर के माध्यम से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन सौंपेंगे।
उन्होंने साफ कहा कि यदि इसके बाद भी प्रशासन नहीं जागा, तो बहुचर्चित हल्द्वानी लालकुआं स्टोन क्रेशर के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।


“कुछ तथाकथित पत्रकार सच्चाई दबा रहे हैं”
दीपक जोशी ने अपने बयान में उन तथाकथित पत्रकारों पर भी सवाल खड़े किए, जो कथित तौर पर स्टोन क्रेशर के पक्ष में खबरें चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का धर्म जनता की पीड़ा, प्रदूषण और सच्चाई को सामने लाना है, न कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति या क्रेशर संचालक की चाटुकारिता करना।
उन्होंने कैमरे के माध्यम से ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे ग्रामीणों की पीड़ा और क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण की असल तस्वीर दिखाएं, न कि पैसे और पहुंच के दम पर सच्चाई को दबाने का काम करें।
ग्रामीणों की मांग— तुरंत बंद हो प्रदूषण, सुधरे सड़क
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचकर स्टोन क्रेशर की जांच कराए, क्षेत्र में फैल रहे धूल, ध्वनि, जल और वायु प्रदूषण पर रोक लगाए, तथा ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर सख्ती करते हुए क्षतिग्रस्त सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि उनकी आवाज अब भी अनसुनी की गई, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा बड़े जनविरोध और आंदोलन का रूप ले सकता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग इस गंभीर मामले पर कब तक चुप्पी साधे रहते हैं, और बिंदुखत्ता के ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है।

 

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