अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 रुद्रपुर 👉
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में एसएसपी कार्यालय का घेराव, नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ व परिवार से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
रम्पुरा की घटना पर पुलिस कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश, ठुकराल ने लगाया सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप
रुद्रपुर।
रम्पुरा क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और विरोध करने पर उसके परिवार के साथ मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से लोगों में भारी आक्रोश है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मामले में निष्पक्ष जांच व आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।
बताया जा रहा है कि 4 मार्च 2026 को वार्ड नंबर 23, मोहल्ला रम्पुरा निवासी राजीव कोली की 17 वर्षीय पुत्री, जो सनातन कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा है, घर के बाहर गली में खड़ी थी। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस के अंकित, रिंकू और लालता अपने 4–5 साथियों के साथ वहां पहुंचे और छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने लगे। छात्रा किसी तरह खुद को बचाकर घर के अंदर भागी, लेकिन आरोपी भी उसके पीछे घर में घुस आए। आरोपियों ने छात्रा के कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं।
परिजनों के अनुसार जब छात्रा की मां रेखा, दादी आशा देवी और 11 वर्षीय छोटी बहन ने बीच-बचाव किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की। डंडों, बेल्टों और लात-घूंसों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। बाद में कोतवाली पुलिस ने केवल छात्रा और उसकी मां का मेडिकल कराया, जबकि अन्य घायलों का मेडिकल नहीं कराया गया। पीड़ित राजीव कोली का आरोप है कि आरोपी पक्ष भाजपा की एक महिला पार्षद का परिवार है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी पक्ष की ओर से अब भी उन्हें जान से मारने और बेटी को उठाकर ले जाने की धमकियां दी जा रही हैं।
एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि सरकार एक तरफ “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है, जबकि दूसरी ओर सत्ता पक्ष से जुड़े लोग ही बेटियों की आबरू से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रम्पुरा जैसी घनी आबादी वाले क्षेत्र में दिनदहाड़े ऐसी घटना होना बेहद शर्मनाक है।







