अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 बिग ब्रेकिंग | हाईकोर्ट सख्त
वक्फ बोर्ड के नामित सदस्यों की वैधता पर सवाल
राज्य सरकार व बोर्ड को नोटिस, 4 हफ्ते में जवाब तलब
नैनीताल।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड के नामित सदस्यों की वैधता को लेकर दायर याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अवकाशकालीन न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित की गई है।
शनिवार को नैनीताल हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान हल्द्वानी निवासी नसीम अहमद वारसी द्वारा दायर याचिका पर विस्तार से बहस हुई। याचिकाकर्ता का कहना है कि वक्फ बोर्ड में कुल 11 सदस्य होते हैं, जिनमें 5 नामित और 6 निर्वाचित होते हैं। निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल नए बोर्ड या कार्यकारिणी के गठन तक रहता है, जबकि नामित सदस्यों का कार्यकाल स्थायी नहीं होता।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 में वक्फ बोर्ड का चुनाव होने के बावजूद नामित सदस्य अब तक अपने पदों पर बने हुए हैं, जो कि संशोधित नियमावली के विपरीत है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि वक्फ बोर्ड संशोधित नियमावली 2025 की धारा-14 के अनुसार नामित सदस्यों का कार्यकाल स्थायी नहीं है और उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड की ओर से याचिका को अपरिपोषणीय (नॉन मेंटेनेबल) बताते हुए खारिज करने की मांग की गई, हालांकि कोर्ट ने फिलहाल इस पर कोई आदेश न देते हुए राज्य सरकार व वक्फ बोर्ड से जवाब तलब किया है।
अब इस अहम मामले में सभी की निगाहें 10 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
उत्तराखंड जागरण







