अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
भूमि धोखाधड़ी पर आईजी कुमाऊँ का बड़ा एक्शन, धनंजय गिरी मामले में विवेचक निलंबित, पीड़ितों को धन वापसी के लिए SIT सक्रिय
कुमाऊँ परिक्षेत्र में जिला स्तरीय SIT भंग, अब क्षेत्राधिकारी करेंगे प्रारंभिक जांच
भूमि धोखाधड़ी के मामलों को लेकर कुमाऊँ पुलिस ने सख़्त और निर्णायक रुख अपनाया है। पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र के निर्देशन में न सिर्फ पुराने मामलों की समीक्षा की गई, बल्कि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
शासन स्तर पर गठित लैंड फ्रॉड समिति गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के आयुक्तों के अधीन कार्य कर रही है। वहीं कुमाऊँ परिक्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी के मामलों की प्रभावी जांच के लिए आईजी कुमाऊँ के नेतृत्व में परिक्षेत्रीय SIT गठित की गई है।
आईजी कुमाऊँ द्वारा सभी जनपदों के एसएसपी/एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि जिला स्तर पर पूर्व में गठित सभी SIT को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए। अब किसी भी भूमि धोखाधड़ी के प्रकरण में प्रारंभिक जांच संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा की जाएगी, जिसके बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
धनंजय गिरी प्रकरण में बड़ी कार्रवाई
पिछले दो माह में अभियुक्त धनंजय गिरी के विरुद्ध कई पीड़ितों ने आईजी कुमाऊँ कार्यालय में लिखित एवं मौखिक शिकायतें दर्ज कराईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज कार्यालय द्वारा—
अभियुक्त से जुड़े सभी एफआईआर व शिकायतों की सूची तैयार की गई
धोखाधड़ी से अर्जित संपत्तियों का विवरण संकलित किया गया
इसके बावजूद विवेचक की मिलीभगत और लापरवाही के कारण अभियुक्त को लाभ मिलने की स्थिति बनी। इस पर उप निरीक्षक अनिल कुमार (चौकी भोटियापड़ाव) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पीड़ितों को धन वापसी SIT का प्रमुख उद्देश्य
आईजी कुमाऊँ के निर्देश पर परिक्षेत्रीय SIT को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालय के माध्यम से अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित धन को पीड़ितों को उनके निर्धारित प्रतिशत के अनुसार वापस दिलाया जाए।
पीड़ितों से अपील
कुमाऊँ पुलिस ने अपील की है कि जिन पीड़ितों की शिकायत अब तक दर्ज नहीं हो सकी है, वे—
📞 परिक्षेत्रीय मोबाइल नंबर: 9411110057
👮 SIT प्रभारी: श्री मनोज कत्याल, पुलिस अधीक्षक (नगर), हल्द्वानी
से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
जनहित में पुलिस की चेतावनी
आईजी कुमाऊँ की ओर से आमजन से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति, फंड या योजना में निवेश से पहले उसकी सरकारी मान्यता की जांच अवश्य करें। साथ ही सभी जनपद प्रभारियों को संदिग्ध व्यक्तियों एवं मामलों की सूची परिक्षेत्रीय SIT को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आईजी कुमाऊँ ने स्पष्ट किया है कि धनंजय गिरी प्रकरण में अब केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कठोर और प्रभावी कानूनी कदम उठाए जाएंगे, ताकि पीड़ितों को वास्तविक न्याय और धन वापसी सुनिश्चित हो सके।







