कुमायूँ पुलिस की समीक्षा में IG रिद्धिम अग्रवाल सख्त, लंबित विवेचनाओं और अपराध नियंत्रण पर दिए कड़े निर्देश देखें वीडियो

ख़बर शेयर करें

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 रुद्रपुर 👉

रुद्रपुर/ऊधमसिंहनगर।
कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र नैनीताल श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल ने शनिवार को पुलिस लाइन रुद्रपुर में परिक्षेत्रीय मासिक गोष्ठी आयोजित कर कुमायूँ मंडल के सभी जनपद प्रभारियों के साथ अपराध, विवेचना, कानून-व्यवस्था और लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कई महत्वपूर्ण मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित समाधान, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना होना चाहिए।

 

एनडीपीएस, लंबित वाहन और पुरानी विवेचनाओं पर सख्ती
गोष्ठी में वर्ष 2015 से पूर्व के एनडीपीएस एक्ट के मामलों एवं मालों के विधिक निस्तारण की समीक्षा की गई। आईजी ने ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके साथ ही वर्ष 2024 एवं उससे पूर्व से दाखिल वाहनों के निस्तारण में धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
लंबे समय से लंबित एवं पार्ट पेंडिंग पुनः विवेचनाओं की भी समीक्षा की गई और उन्हें गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द निस्तारित करने पर जोर दिया गया।


लैंड फ्रॉड मामलों में पारदर्शिता और साक्ष्य पर जोर
आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने लैंड फ्रॉड से जुड़े अभियोगों की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में अंतिम रिपोर्ट की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन और विवेचना की पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
साथ ही, न्यायालय के आदेश अथवा बिना संस्तुति दर्ज मामलों में वैधानिकता एवं प्रक्रियात्मक शुद्धता का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
ऑपरेशन स्माइल, अज्ञात शवों की शिनाख्त और वांछित अपराधियों पर फोकस
बैठक में ऑपरेशन स्माइल के तहत गुमशुदा एवं लापता व्यक्तियों की बरामदगी के लिए तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए गए।
अज्ञात शवों की शिनाख्त के लिए प्रभावी कार्यवाही और अंतरजनपदीय समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा वांछित एवं ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाने तथा जरूरत पड़ने पर कुर्की एवं घोषणा की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
तकनीकी दक्षता और संपत्ति जब्तीकरण की समीक्षा
आईजी ने NAFIS और MCU के तहत की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा कर पुलिस की तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर बल दिया।
इसके साथ ही धारा 107 BNSS, धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट, 68(क) NDPS तथा PIT NDPS के अंतर्गत संपत्ति जब्तीकरण की कार्यवाहियों की भी समीक्षा की गई।
वर्ष 2025 और 2026 में धारा 111 एवं 112 BNS के तहत की गई कार्रवाई की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।
बीट पुलिसिंग को बताया पुलिसिंग की रीढ़
गोष्ठी में आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बीट पुलिसिंग को आधारभूत पुलिसिंग का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए इसे और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बीट आरक्षियों को अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण, स्थानीय नागरिकों से संवाद, संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान एवं सत्यापन और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए।
आईजी ने स्पष्ट कहा कि अपराध रोकथाम में बीट स्तर की सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पीड़ित प्रतिकर योजनाओं और न्यायालयीय पैरवी की भी समीक्षा
बैठक में उत्तराखण्ड यौन अपराध पीड़िता प्रतिकर योजना 2020, एससी/एसटी एक्ट तथा हिट एंड रन योजना 2022 के तहत की गई कार्यवाहियों की समीक्षा भी की गई।
इसके अलावा केस ऑफिसर स्कीम के तहत महत्वपूर्ण लंबित प्रकरणों में न्यायालयों में प्रभावी पैरवी के लिए केस ऑफिसरों और अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
आईजी ने कहा कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर दोषियों को शीघ्र दंडित कराना जरूरी है, ताकि न्याय प्रणाली में आमजन का विश्वास और मजबूत हो।
जनसेवा, जवाबदेही और समन्वय पर विशेष बल
अंत में आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय, उत्तरदायित्व और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करें, ताकि पुलिस की छवि और अधिक सुदृढ़ हो सके।
उन्होंने कहा कि बीट स्तर तक पुलिसिंग को मजबूत करने और न्यायालयीय मामलों में प्रभावी पैरवी के जरिए त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मन्जूनाथ टीसी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा चन्द्रशेखर घोड़के, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय प्रहलाद कोंडे, पुलिस अधीक्षक चम्पावत रेखा यादव, पुलिस अधीक्षक बागेश्वर जितेन्द्र कुमार मेहरा, पुलिस अधीक्षक अपराध ऊधमसिंहनगर जितेन्द्र सहित अन्य जनपदों के राजपत्रित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

 

error: Content is protected !!