अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
लालकुआं में अवैध कच्ची शराब का जाल — आबकारी विभाग मौन, पुलिस अकेले संभाल रही मोर्चा
लालकुआं / हल्द्वानी।
लालकुआं और आसपास के जंगलों में अवैध कच्ची शराब का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। चोरी-छिपे बनाई और बेची जा रही जहरीली शराब से लोगों की जान-माल को लगातार खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक सैकड़ों परिवार इस अवैध कारोबार की वजह से अपनों को खो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई न के बराबर है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उत्तराखंड आबकारी विभाग इस गंभीर मामले में गहरी नींद में सोया हुआ है। जबकि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का जिम्मा आबकारी विभाग का होता है, लेकिन धरातल पर कार्रवाई पुलिस को करनी पड़ रही है।
लालकुआं पुलिस लगातार छापेमारी और निगरानी कर अवैध शराब के कारोबार को रोकने की कोशिश कर रही है। सवाल यह उठ रहा है कि जब आबकारी विभाग को सरकार से वेतन और संसाधन मिलते हैं, तो कार्रवाई पुलिस क्यों कर रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह अवैध कारोबार और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है। जहरीली शराब से मौतों का खतरा लगातार बना हुआ है और प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह पूरा मामला अब सीधे सरकार तक पहुंच चुका है। लोगों ने पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि अवैध शराब के इस नेटवर्क पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
हल्द्वानी समेत पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या आबकारी विभाग दफ्तरों तक ही सीमित रहेगा या जमीन पर उतरकर ठोस कार्रवाई भी करेगा।
रिपोर्ट: उत्तराखंड जागरण
(जनहित में जारी — अवैध शराब से सावधान रहें)







