अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 उधम सिंह नगर रुद्रपुर 👉 किसान की मौत के बाद आखिरकार सरकारी तंत्र की नींद टूटती नजर आई। जनसमस्याओं से त्रस्त लोग रुद्रपुर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। मामला इतना गंभीर हो गया कि जिला प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा।
भूमि विवाद से जुड़ा यह प्रकरण ग्राम शेखपुरा हसनपुर रहमतगंज, स्वार रामपुर निवासी किंदरजीत कौर पत्नी जगतार सिंह का है। पीड़ित महिला का आरोप है कि काशीपुर-बाजपुर बायपास स्थित उनकी जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है। विरोध करने पर मारपीट, धमकी और मानसिक उत्पीड़न किया गया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से मजबूर होकर उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।
सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़िता से पूरी बात सुनी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। एडीएम ने दो टूक कहा—
“कानून से खिलवाड़ करने वाला चाहे कितना भी रसूखदार हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूमि अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर त्वरित जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन सवाल बड़ा है—क्या यह कार्रवाई सिर्फ दिखावा रहेगी या सच में पीड़ित को न्याय मिलेगा?
धरने में शामिल लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त शासन के दावों के बावजूद जमीनों पर कब्जे, दबंगई और पुलिस-प्रशासन की लापरवाही लगातार बढ़ रही है। किसान की मौत के बाद ही अफसरों का जागना सिस्टम की संवेदनहीनता दिखाता है।
मौके पर एसडीएम गौरव पाण्डे, अमृता शर्मा, सीओ आरडी वर्मा, तहसीलदार दिनेश कुटोला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बाईट: अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा
👉 वीडियो संलग्न – धरने की तस्वीरें और बयान
— अजय अनेजा, संपादक
उत्तराखंड जागरण
प्रकरण ग्राम शेखपुरा हसनपुर रहमतगंज, स्वार रामपुर निवासी किंदरजीत कौर पत्नी जगतार सिंह से जुड़ा है, जिनका आरोप है कि उनकी कनोरी काशीपुर बायपास रोड, बाजपुर स्थित भूमि सहित अन्य कृषि भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में मारपीट, धमकी और दबाव बनाने की बात भी सामने आई है।


व्हाइट अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा







