अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलकित आर्य को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने जमानत याचिका ठुकराई
नैनीताल। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने दो दिन चली सुनवाई के बाद तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी विशेष अपील को सुनवाई के लिए लंबित रखा है।
सुनवाई के दौरान तीनों अभियुक्तों की ओर से बचाव में कई तर्क रखे गए, जिन्हें खंडपीठ ने स्वीकार नहीं किया। अभियुक्तों ने जमानत पर रिहाई की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं।
कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पिछले वर्ष 30 मई को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अंकिता भंडारी की हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के खिलाफ अभियुक्तों ने हाईकोर्ट में विशेष अपील दायर की थी।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। ऋषिकेश के पास वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत अंकिता 18 सितंबर 2022 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई थी। छह दिन बाद 24 सितंबर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था। पुलिस जांच में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में घटना से जुड़े साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों को महत्वपूर्ण बताया गया। अब हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद तीनों दोषियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

