अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 कुमाऊं 👉
गिरिजा मंदिर के गेट पर बाघ का आतंक, गाय को बनाया शिकार; एक दिन पहले घोड़े को दिनदहाड़े जंगल में खींच ले गया था
रामनगर। कार्बेट टाइगर रिजर्व से सटे रामनगर क्षेत्र में बाघ की बढ़ती सक्रियता से लोगों में दहशत बढ़ गई है। बुधवार को गिरिजा मंदिर के मुख्य गेट के बाहर बाघ ने एक गाय को अपना शिकार बना लिया। मंदिर के गेट के पास बाघ द्वारा गाय का शिकार किए जाने की सूचना से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। इससे पहले सोमवार को ढिकुली क्षेत्र में आबादी के समीप बाघ एक घोड़े को दिनदहाड़े जंगल में खींच ले गया था।
लगातार दो दिन सामने आई इन घटनाओं ने वन विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है। खासकर ढिकुली और गिरिजा मंदिर क्षेत्र में पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों की आवाजाही को देखते हुए बाघ की मौजूदगी को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
दिनदहाड़े घोड़े को जंगल में खींच ले गया था बाघ
सोमवार को दोपहर करीब दो बजे कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे ढिकुली क्षेत्र में बाघ आबादी के समीप मैदान में पहुंच गया। यहां बाघ ने एक घोड़े को अपना शिकार बनाया और लोगों की मौजूदगी में उसे घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। लोगों ने बाघ को भगाने के लिए काफी शोर मचाया, लेकिन बाघ घोड़े को जंगल में खींचकर ले गया।
ढिकुली क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। सड़क पर पर्यटक घूमते रहते हैं और आसपास ग्रामीण आबादी भी है। ऐसे में आबादी के बेहद करीब बाघ के पहुंचने से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बाघ की तस्वीर कैद करने को लगाए ट्रैप कैमरे
घोड़े के शिकार की घटना के बाद वन विभाग ने बाघ की निगरानी शुरू कर दी है। मंगलवार को विभाग की ओर से क्षेत्र में चार जोड़ी ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से बाघ की तस्वीर कैद करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उसकी पहचान की जा सके और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
सर्पदुली रेंजर संजय पांडे ने बताया कि क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों को अभी चेक नहीं किया गया है। एक-दो दिन बाद कैमरों की जांच की जाएगी। इसके बाद पता चल सकेगा कि बाघ की तस्वीर कैमरों में कैद हुई है या नहीं।
पहले भी मवेशियों का कर चुका है शिकार
वन विभाग के मुताबिक क्षेत्र में सक्रिय बाघ पहले भी मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। बाघ ने इससे पहले क्षेत्र में बैल और गाय को भी मारा था। ग्रामीण क्षेत्रों में छोड़े गए मवेशी बाघ के लिए आसान शिकार बन रहे हैं। इसी वजह से बाघ जंगल से निकलकर गांव और आबादी के नजदीक पहुंच रहा है।
गिरिजा मंदिर जैसे पर्यटक और धार्मिक स्थल के मुख्य गेट के बाहर बाघ द्वारा गाय का शिकार किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता बढ़ा दी है। वहीं, ढिकुली में दिनदहाड़े घोड़े को जंगल में खींच ले जाने की घटना से स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटकों में भी भय का माहौल है। वन विभाग की ओर से लगाए गए ट्रैप कैमरों से अब बाघ की गतिविधियों और पहचान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

