अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
महिला से छेड़छाड़ के आरोपी पर्यटकों से 18 हजार लेकर छोड़ने का आरोप, एसएसपी ने चौकी इंचार्ज-कांस्टेबल को किया लाइन हाजिर
नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। ज्योलीकोट क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़ के आरोप में पकड़े गए चार पर्यटकों को कथित तौर पर 18 हजार रुपये लेकर छोड़ने का आरोप पुलिस पर लगा है। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों ज्योलीकोट क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने चौकी पुलिस को सूचना दी कि स्कॉर्पियो सवार चार पर्यटकों ने क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने वायरलेस के जरिए आसपास के पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया। इसके बाद पर्यटकों के वाहन को रानीबाग क्षेत्र में रोक लिया गया और चारों को ज्योलीकोट चौकी लाया गया।
आरोप है कि चौकी लाने के बाद पुलिस ने पर्यटकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर 18 हजार रुपये लेकर मामले को रफादफा कर दिया और आरोपित पर्यटकों को छोड़ दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई की जानकारी जब स्थानीय लोगों को हुई तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
दबाव बढ़ा तो वापस किए 18 हजार
स्थानीय लोगों ने जब पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया तो मामला उलझता देख पर्यटकों को कथित तौर पर ऑनलाइन माध्यम से 18 हजार रुपये वापस कर दिए गए। हालांकि, रकम वापस किए जाने के बावजूद क्षेत्रवासियों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
मामले को लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। शिकायत और आरोपों की जानकारी एसएसपी मंजूनाथ टीसी तक पहुंची तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की।
एसएसपी ने लिया एक्शन
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के इस कदम के बाद महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। अब पूरे मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि महिला से छेड़छाड़ के आरोप में पकड़े गए पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई और 18 हजार रुपये के कथित लेनदेन की वास्तविकता क्या थी।
महिला से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप के मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों ने नैनीताल पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब निगाहें जांच के नतीजे और आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।

