अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
हल्द्वानी में चंदन तस्करों पर वन विभाग का शिकंजा, दो गिरफ्तार; 1.40 कुंतल अवैध चंदन बरामद
हल्द्वानी। तराई पूर्वी वन प्रभाग की गौला रेंज में वन विभाग ने चंदन की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गौलापार के देवला तल्ला बागजाला क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने दोनों आरोपियों के ठिकानों से करीब 1.40 कुंतल चंदन प्रजाति की अवैध लकड़ी बरामद की है। बरामद लकड़ी को वन विभाग ने नियमानुसार अपने कब्जे में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात गौला रेंज वन विभाग को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि देवला तल्ला बागजाला क्षेत्र में कुछ लोगों के घरों में भारी मात्रा में चंदन की अवैध लकड़ी छिपाकर रखी गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई की और आरक्षित वन क्षेत्र से लगे इलाके में घेराबंदी कर संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी।
DFO दीपक सिंह और उप प्रभागीय वनाधिकारी गौला अनिल कुमार जोशी के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान वनकर्मियों ने देवलतल्ला बागजाला क्षेत्र में रहने वाले साहिद निवासी बजरिया शेखना, कन्नौज तथा अनीस निवासी सेहरपुर, पीलीभीत के घरों पर छापा मारा। तलाशी के दौरान दोनों ठिकानों से कुल करीब 1.40 कुंतल चंदन की अवैध लकड़ी बरामद हुई।
वन विभाग की टीम ने बरामद लकड़ी को कब्जे में लेने के साथ ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में मामला चंदन की अवैध तस्करी से जुड़ा सामने आया है। विभाग द्वारा यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद चंदन की लकड़ी कहां से लाई गई थी और इसे आगे कहां खपाने की तैयारी थी।
गौला रेंजर चंदन सिंह अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम की संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद चंदन तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वन क्षेत्रों में अवैध कटान, लकड़ी तस्करी और वन अपराधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

