अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 मोटा हल्दु 👉
सीबीएसई नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में रूद्र जोशी ने रचा इतिहास, उत्तराखंड को दिलाया पहला स्वर्ण; पिता शेखर जोशी को मिली बधाइयां
हल्द्वानी। भोपाल में 24 से 28 सितंबर तक आयोजित सीबीएसई नेशनल स्विमिंग अंडर-11 चैंपियनशिप में मोटाहल्दू निवासी युवा तैराक रूद्र जोशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। रूद्र ने 50 मीटर फ्री स्टाइल में स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में रजत पदक अपने नाम किया।
आयोजकों के अनुसार, रूद्र जोशी इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से हल्द्वानी और मोटाहल्दू क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के खेल जगत में खुशी का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए रूद्र ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और तैराकी के प्रति समर्पण का परिचय दिया।
रूद्र की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, अनुशासन और तैराकी के प्रति उनका जुनून रहा है। उनके प्रशिक्षण और तैयारी में परिवार का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पिता शेखर जोशी ने बेटे के खेल सफर में लगातार उसका हौसला बढ़ाया और हर स्तर पर सहयोग दिया। लंबे समय से तैराकी का प्रशिक्षण ले रहे रूद्र ने कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय मंच पर यह उपलब्धि हासिल की।
रूद्र की शानदार सफलता पर उप जिला खेल अधिकारी वरुण बेलवाल, पूर्व डिप्टी डायरेक्टर खेल सुरेश चंद्र पांडे, चीफ कोच गौरव चंद, कोच दयाल सिंह फर्शवाण, वर्तमान कोच कर्मवीर डांगर, सेंट थेरेसा स्कूल के प्रधानाचार्य फादर राजेश, स्कूल कोच इंद्र कार्की, प्रशिक्षण केंद्र स्विमिंग के हनी वार्टर पार्क के स्वामी अतुल पाठक और रनिंग कोच महेश फर्त्याल ने रूद्र जोशी एवं उनके पिता शेखर जोशी सहित पूरे परिवार को बधाई दी।
खेल प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों ने कहा कि रूद्र की यह उपलब्धि उत्तराखंड के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल कर रूद्र ने प्रदेश के खेल प्रतिभाओं के लिए नई उम्मीद जगाई है।
परिजनों और शुभचिंतकों ने उम्मीद जताई कि रूद्र आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का नाम और रोशन करेंगे। सभी ने रूद्र जोशी के उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की।

