अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
आर्थिक धोखाधड़ी मामले में कलेक्शन एजेंट गिरफ्तार
एसएसपी अजय गणपति के सख्त निर्देश पर आर्थिक धोखाधड़ी में बड़ा एक्शन, RD/FD के नाम पर 15–20 लाख रुपये जमा कराने वाला कलेक्शन एजेंट गिरफ्तार
सितारगंज। आर्थिक अपराधों और धोखाधड़ी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देश पर सितारगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए RD/FD के नाम पर लोगों से धनराशि जमा कराने वाले वांछित कलेक्शन एजेंट राजेन्द्र प्रसाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने करीब 50 से 60 खाताधारकों से लगभग 15 से 20 लाख रुपये की धनराशि एकत्र की थी। मामले में पुलिस ने 11 मूल खाता पुस्तिकाएं, 10 मूल बॉन्ड पेपर और 7 मूल किस्त रसीदें भी कब्जे में ली हैं।
पुलिस के मुताबिक, 07 जनवरी 2026 को मझरा सिसौना निवासी रविता राणा की तहरीर पर कोतवाली सितारगंज में FIR संख्या 18/2026, धारा 316(5) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड के नाम पर लोगों के RD/FD खाते खुलवाकर नियमित रूप से धनराशि जमा कराई गई, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद खाताधारकों को उनकी धनराशि वापस नहीं मिली।
विवेचना में सामने आया कि आरोपी राजेन्द्र प्रसाद खुद को कंपनी का फील्ड मार्केटिंग/कलेक्शन एजेंट बताकर लोगों को RD/FD खाते खुलवाने के लिए प्रेरित करता था। वह खाताधारकों से प्रतिदिन 50, 100, 150 रुपये अथवा निर्धारित किस्त के रूप में नकद धनराशि लेता और खाता पुस्तिका में प्रविष्टि कर अपने हस्ताक्षर करता था।
पूछताछ में राजेन्द्र प्रसाद ने पुलिस को बताया कि वह 05 जून 2023 को कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में नियुक्त हुआ था। उसके द्वारा सितारगंज क्षेत्र में करीब 50–60 लोगों के खाते खुलवाए गए और उनसे एकत्र करीब 15–20 लाख रुपये अजय गंगवार एवं राजकुमार गंगवार को दिए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अजय गंगवार के कहने पर अपने बैंक खाते से ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर किए जाने की बात भी बताई है।
पुलिस के अनुसार खाताधारकों को छोटी-छोटी दैनिक किस्तें जमा कर लगभग एक वर्ष की अवधि पूरी होने पर मैच्योरिटी राशि वापस मिलने का भरोसा दिलाया गया था। अवधि पूरी होने के बाद रकम वापस नहीं मिलने पर आरोपी ने सितारगंज क्षेत्र में कलेक्शन का काम बंद कर दिया और करीब छह माह से फरार चल रहा था।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार 02 अक्टूबर 2026 को विवेचक उपनिरीक्षक जगत सिंह साही हमराह कांस्टेबल कमल गहतौड़ी के साथ चौकी सिडकुल क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित राजेन्द्र प्रसाद सितारगंज मंडी में मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को चौकी सिडकुल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार अब तक की विवेचना और आरोपी से पूछताछ में अजय गंगवार, राजकुमार गंगवार और गीता देवी के नाम सामने आए हैं। आरोपी के कथन के अनुसार अजय गंगवार कंपनी के चेयरमैन, राजकुमार गंगवार मैनेजिंग डायरेक्टर तथा गीता देवी डायरेक्टर हैं। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर मामले में धारा 61(2)/3(5) BNS की बढ़ोतरी की है। इन व्यक्तियों की भूमिका को लेकर विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
राजेन्द्र प्रसाद पुत्र सीताराम, निवासी ग्राम रम्पुरा नत्थू, थाना बरखेड़ा, जनपद पीलीभीत, उत्तर प्रदेश, उम्र 42 वर्ष।
पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक सुन्दरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जावेद मलिक, उपनिरीक्षक जगत सिंह साही, हेड कांस्टेबल मतलूब ख़ान तथा कांस्टेबल कमल गहतौड़ी शामिल रहे।


