अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 भीमताल नैनताल
भीमताल की खूबसूरती पर सीवर संकट का साया: झील किनारे उठती दुर्गंध से पर्यटक परेशान, स्थायी समाधान की उठी मांग
भीमताल। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भीमताल में झील किनारे फैली सीवर व्यवस्था की बदहाली अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। भीमताल-नौकुचियाताल पर्यटन मार्ग पर स्थित दीनदयाल पार्क के समीप बने सीवर पंप से लगातार उठ रही तेज दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झील तट पर फैली इस समस्या ने नगर की स्वच्छ छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर की जर्जर और लीकेजग्रस्त सीवर पाइपलाइनें, पुराने पंप हाउस तथा घटी गाड़ स्थित मुख्य सीवरेज प्लांट से लेकर झील किनारे तक फैली अव्यवस्था इस समस्या की प्रमुख वजह है। लंबे समय से इस मुद्दे को विभागीय अधिकारियों, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
नगरवासियों का कहना है कि भीमताल की सीवर व्यवस्था को भी नैनीताल की तर्ज पर आधुनिक बनाया जाना चाहिए। हालांकि संबंधित विभाग बजट की कमी का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं। वहीं जल संस्थान और जल निगम के बीच समन्वय के अभाव के कारण समस्या का समाधान लगातार टलता जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने भीमताल की सीवर व्यवस्था के स्थायी और दूरगामी समाधान की मांग करते हुए कहा कि नगर में 24 घंटे बड़ी सीवर सक्शन मशीन की व्यवस्था की जाए, लीकेजग्रस्त सीवर लाइनों की स्थायी मरम्मत कराई जाए, झील किनारे स्थित पंप हाउस और मुख्य सीवरेज प्लांट का ऊँचीकरण किया जाए तथा नगर के नए क्षेत्रों में प्रस्तावित सीवर लाइनों का निर्माण शीघ्र शुरू कराया जाए।
प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और पर्यटन महत्व के लिए देश-विदेश में पहचान रखने वाला भीमताल आज सीवर व्यवस्था की बदहाली के कारण अपनी स्वच्छता और सुंदरता खोने लगा है। स्थानीय नागरिकों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल कार्ययोजना बनाकर मरम्मत एवं निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किए जाएं, ताकि भीमताल की झील, पर्यावरण और पर्यटन की पहचान सुरक्षित रह सके।
