अजय अनेजा 👉 नैनीताल 👉
नैनीताल में दोपहिया वाहनों पर टोल वसूली से बवाल, मंत्री राम सिंह कैड़ा ने लगाई रोक; बोले— “ऐसे फैसलों से प्रदेश की बदनामी”
नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में दोपहिया वाहनों से नगर प्रवेश शुल्क (टोल टैक्स) की वसूली शुरू होते ही भारी हंगामा खड़ा हो गया। बुधवार रात 12 बजे से बाहरी जिलों के दोपहिया वाहनों से ₹100 प्रवेश शुल्क वसूला जाने लगा, जिसके विरोध में स्थानीय लोग, वाहन चालक और अधिवक्ता सड़क पर उतर आए। फांसी गधेरा क्षेत्र में टोल वसूली को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
नैनीताल में ब्रिटिशकाल से नगर प्रवेश शुल्क वसूलने की व्यवस्था चली आ रही है। वर्तमान में चारपहिया वाहनों से नैनीताल जिले के वाहनों पर ₹200 तथा बाहरी जिलों के वाहनों पर ₹300 प्रति प्रवेश शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क प्रत्येक प्रवेश पर लागू होता है।
नगर पालिका परिषद नैनीताल ने पिछले वर्ष यह व्यवस्था स्वयं महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित की थी, जबकि इस वर्ष 21 माह के लिए लगभग 24 करोड़ रुपये में एक बाहरी ठेकेदार को इसका ठेका दिया गया है। ठेकेदार द्वारा बुधवार रात से बाहरी दोपहिया वाहनों से भी ₹100 की वसूली शुरू कर दी गई, जिसके बाद विरोध तेज हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना था कि दोपहिया वाहनों पर प्रवेश शुल्क लगाना पूरी तरह अनुचित है और इससे आम लोगों के साथ-साथ पर्यटकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। विरोध के दौरान अधिवक्ताओं ने भी टोल वसूली का विरोध करते हुए एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
मामला बढ़ने पर शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से वार्ता कर दोपहिया वाहनों से टोल वसूली पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर मनमानी हुई है तो कार्रवाई भी होगी।
मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि पर्यटन नगरी नैनीताल में इस तरह के फैसले प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आने वाले पर्यटकों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशान नहीं होने दिया जाएगा तथा जनहित सर्वोपरि रहेगा।
