दीपावली से पहले मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, 10 नवंबर तक चलेगा अभियान; दूध-मावा से लेकर घी तक की होगी जांच:अजब सिंह रावत

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

दीपावली से पहले मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, 10 नवंबर तक चलेगा अभियान; दूध-मावा से लेकर घी तक की होगी जांच

मिठाई की दुकानों और डेयरियों पर औचक छापेमारी, संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएंगे

हल्द्वानी। दीपावली के त्योहार पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों की अब खैर नहीं! त्योहार के दौरान मिलावटी मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए नैनीताल जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में 21 अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक विशेष खाद्य जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मिठाई की दुकानों, डेयरियों, थोक मंडियों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे।

जिलाधिकारी के आदेश पर अभियान को प्रभावी बनाने के लिए उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में संबंधित क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल रहेंगे। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ नियमित जांच करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

दूध, मावा, पनीर और घी की आपूर्ति करने वाले वाहन रडार पर

अभियान के दौरान बाहरी राज्यों से जिले में आने वाले दूध, मावा, खोया, पनीर और घी की आपूर्ति करने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजेगा। जांच में मिलावट या दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

रोजाना देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट

सहायक आयुक्त एवं अभिहित अधिकारी, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, नैनीताल अजब सिंह रावत ने संबंधित वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन शाम चार बजे तक कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी, ताकि उच्च अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति की जानकारी दी जा सके।

प्रशासन का उद्देश्य दीपावली के दौरान बाजार में सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा मिलावट के जरिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाना है। अब अभियान के दौरान होने वाली जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है।