आखिर कौन हैं कल्पना मिश्रा, जिनके नाम से फिर गरमाया रेखा आर्य–पप्पू गिरधारी विवाद? पुराने मुकदमे से वायरल ऑडियो तक, कहानी में नया मोड़

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

आखिर कौन हैं कल्पना मिश्रा, जिनके नाम से फिर गरमाया रेखा आर्य–पप्पू गिरधारी विवाद? पुराने मुकदमे से वायरल ऑडियो तक, कहानी में नया मोड़

बरेली से देहरादून तक चर्चाओं में कल्पना मिश्रा उर्फ कल्पना चतुर्वेदी का नाम, वायरल ऑडियो में आवाज होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि बाकी

देहरादून/बरेली। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच विवाद लगातार सुर्खियों में है। इस पूरे प्रकरण में अब कल्पना मिश्रा उर्फ कल्पना चतुर्वेदी का नाम एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। वर्ष 2024 में रेखा आर्य की शिकायत से जुड़े पुराने मामले और अक्टूबर 2026 में सामने आए कथित वायरल ऑडियो के बीच कल्पना का नाम जुड़ने से कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर कल्पना कौन हैं और इस विवाद में उनका नाम बार-बार क्यों सामने आ रहा है?

पप्पू गिरधारी की कंपनी में मैनेजर होने का दावा

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कल्पना मिश्रा उर्फ कल्पना चतुर्वेदी बरेली में गिरधारी लाल साहू की कंस्ट्रक्शन कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करती थीं। बताया गया था कि वह गिरधारी लाल साहू के परिवार के करीबी संपर्क में थीं और परिवार के सदस्य की तरह रहती थीं। पुलिस पूछताछ के दौरान भी उन्होंने कंपनी में काम करने और परिवार के साथ निकटता होने की बात कही थी।

रेखा आर्य की शिकायत से आया था नाम सामने

वर्ष 2024 में कल्पना से जुड़े एक मामले ने उस समय सुर्खियां बटोरी थीं, जब रेखा आर्य की ओर से आरोप लगाया गया कि कल्पना ने अपने निजी दस्तावेजों में गिरधारी लाल साहू का नाम पति के रूप में और बरेली स्थित आवास का पता दर्ज कराया है। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि सरकारी पहचान का प्रभाव दिखाने के लिए हूटर और लालबत्ती लगी गाड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में बरेली के बारादरी थाने में कल्पना और उनकी मौसी के खिलाफ शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज होने की बात सामने आई थी।

दूसरी ओर, कल्पना ने कथित चोरी और धोखाधड़ी के आरोपों को गलत बताया था। उनका पक्ष था कि वह गिरधारी लाल साहू की कंपनी में काम करती थीं और परिवार के सदस्य की तरह रहती थीं। ऐसे में पुराने मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए थे। आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।

वायरल ऑडियो ने फिर बढ़ाई चर्चा

अक्टूबर 2026 में रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद सार्वजनिक होने के बाद मंत्री की ओर से कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा किए जाने की खबरें सामने आईं। दावा किया गया कि रिकॉर्डिंग में गिरधारी लाल साहू और एक महिला के बीच बातचीत है, जिसमें मुकदमे, जमानत, पैसों और मंत्री को नुकसान पहुंचाने से संबंधित कथित बातें सुनाई देती हैं।

इसी बीच सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया जाने लगा कि ऑडियो में सुनाई देने वाली महिला की आवाज कल्पना मिश्रा की है। हालांकि, आवाज की पहचान और रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है। बिना फॉरेंसिक जांच के वायरल ऑडियो को प्रमाणित साक्ष्य मानना उचित नहीं होगा।

पप्पू गिरधारी ने ऑडियो को बताया एआई से तैयार

रेखा आर्य की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कथित ऑडियो को एआई से तैयार किया गया बताते हुए आरोपों को खारिज किया और शिकायत वापस लेने की मांग की। वहीं, मौजूदा विवाद में देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की खबर भी सामने आई है।

अब जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यही हैं कि वायरल ऑडियो कितना प्रामाणिक है, उसमें सुनाई देने वाली महिला की पहचान क्या है और पुराने मामले का वर्तमान विवाद से कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं। इन सवालों के जवाब दस्तावेजों, डिजिटल फॉरेंसिक जांच और पुलिस की पड़ताल से ही स्पष्ट हो सकेंगे।

कल्पना मिश्रा का नाम पुराने मामले के कारण पहले भी चर्चा में आया था, लेकिन मौजूदा ऑडियो में उनकी आवाज होने का दावा अभी स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं है। ऐसे में आरोपों और दावों को अंतिम सत्य मानने के बजाय जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।