अपराध नियंत्रण को लेकर डीजीपी दीपम सेठ सख्त, लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

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अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण
अपराध, भ्रष्टाचार और लापरवाही पर डीजीपी दीपम सेठ का सख्त रुख, हाई-लेवल समीक्षा बैठक में कड़े निर्देश
देहरादून | उत्तराखंड जागरण


उत्तराखंड में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ की अध्यक्षता में सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में एक उच्च स्तरीय अपराध एवं कानून व्यवस्था समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई।


बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गढ़वाल एवं कुमाऊं परिक्षेत्र के रेंज प्रभारी, समस्त जनपदों के पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ सहित विभिन्न इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वर्तमान अपराध परिदृश्य, गंभीर आपराधिक घटनाओं, विवेचनाओं की प्रगति एवं जनशिकायतों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई।
लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई
डीजीपी ने हाल ही में देहरादून के ऋषिकेश में महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में लापरवाही बरतने पर एम्स चौकी प्रभारी एसआई साहिल वशिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कोतवाली नगर देहरादून क्षेत्र में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी एसआई प्रद्युम्न नेगी को भी निलंबित किया गया।
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों मामलों की जांच एसपी क्राइम श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी गई है। अन्य कर्मियों की भूमिका की जांच कर 7 दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हरिद्वार गोलीकांड पर भी सख्ती
जनपद हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में रविदास जयंती के दौरान दो पक्षों में हुए संघर्ष एवं गोलीबारी की घटना में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर हल्का प्रभारी चुड़ियाला एसआई सूरत शर्मा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इस प्रकरण की जांच एसपी क्राइम हरिद्वार श्री जितेंद्र मेहरा को सौंपी गई है।
लैंड फ्रॉड मामलों में सीओ जांच अनिवार्य


जनपद ऊधम सिंह नगर के सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामलों में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए। अब ऐसे मामलों में अनिवार्य रूप से क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर पर समयबद्ध जांच की जाएगी, जिसमें स्पष्ट रूप से यह उल्लेख होगा कि मामला सिविल है या आपराधिक। लंबित भूमि मामलों की लगातार मॉनिटरिंग पुलिस मुख्यालय स्तर से की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
माननीय मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप डीजीपी ने सतर्कता विभाग को भ्रष्ट आचरण में लिप्त पुलिस कर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में
महानिदेशक, अभिसूचना एवं सुरक्षा – श्री अभिनव कुमार
अपर पुलिस महानिदेशक/निदेशक विजिलेंस, अपराध एवं कानून व्यवस्था – श्री वी. मुरुगेशन
अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन – श्री ए.पी. अंशुमान
पुलिस महानिरीक्षक, पी/एम – श्रीमती विम्मी सचदेवा
पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र – श्रीमती रिधिम अग्रवाल
पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार – श्री कृष्ण कुमार वी.के.
पुलिस महानिरीक्षक, साइबर – श्री नीलेश आनंद भरणे
पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा – श्री करण सिंह नगन्याल
पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र – श्री सदानंद दाते
पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था – श्री सुनील कुमार मीणा
पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक – श्री योगेंद्र रावत
पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था – श्री धीरेंद्र गुंज्याल
सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

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