खनन निदेशक को इंडियंस ऑनस्ट इंडिपेंडेंस ऑनर, स्टोन क्रेशर एसोसिएशन में खुशी

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अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
खनन निदेशक को इंडियंस ऑनस्ट इंडिपेंडेंस ऑनर, स्टोन क्रेशर एसोसिएशन में खुशी
रुद्रपुर।
उत्तराखंड के खनन निदेशक राजपाल लेघ को खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए इंडियंस ऑनस्ट इंडिपेंडेंस ऑनर सम्मान मिलने पर कुमाऊं स्टोन क्रेशर एसोसिएशन और सितारगंज स्टोन क्रेशर एसोसिएशन ने खुशी जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इसे उत्तराखंड के खनन क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया।
एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में खनन व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में खनन निदेशक राजपाल लेखा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके नेतृत्व में खनन विभाग ने ई-गवर्नेंस और डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया, जिससे व्यापार में बढ़ोतरी के साथ राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर नियंत्रण, प्रक्रियाओं में सुधार और आधुनिक तकनीक के उपयोग से खनन व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आए हैं। पहले जो कई स्टोन क्रेशर बंद हो गए थे, वे अब दोबारा संचालित होने लगे हैं, जिससे उद्योग को नई गति मिली है।
एसोसिएशन के अनुसार पहले गौला नदी की खनन क्षमता 54 लाख घन मीटर के मुकाबले केवल 25 से 30 लाख घन मीटर ही खनन हो पाता था, जबकि अब लगभग पूरी क्षमता के अनुरूप खनन हो रहा है। इसी तरह नंधौर और कैलाश नदी क्षेत्र में भी खनन लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। पिछले डेढ़ साल में खनन से राज्य सरकार को मिलने वाला राजस्व चार गुना बढ़कर करीब 300 करोड़ से बढ़कर 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि स्टोन क्रशिंग उद्योग उत्तराखंड का एक बड़ा उद्योग है, जिससे रॉयल्टी, फॉरेस्ट ट्रांजिट, जीएसटी, आयकर और आरटीओ के माध्यम से सरकार को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। साथ ही इस उद्योग से करीब 2 से 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिला हुआ है।
इस अवसर पर एलएससी इन्फ्राटेक लिमिटेड, विन्ध्यवासिनी स्टोन क्रेशर, पाल स्टोन इंडस्ट्रीज, सुभाष स्टोन क्रेशर, जगदंबा स्टोन क्रेशर, विनोद स्टोन क्रेशर, सागर स्टोन क्रेशर, हिमालया स्टोन इंडस्ट्रीज, हल्द्वानी स्टोन कंपनी, श्री बालाजी स्टोन कंपनी, उत्तराखंड स्टोन कंपनी, जयश्री राम स्टोन क्रेशर, महालक्ष्मी स्टोन कंपनी, शुभम स्टोन कंपनी, कामाख्या स्टोन कंपनी, सितारगंज स्टोन कंपनी, राधे सॉल्यूशन, बरेली स्टोन कंपनी, मार्डन ग्रिट्स इंडस्ट्रीज, भगवती स्टोन इंडस्ट्रीज और देवभूमि स्टोन इंडस्ट्रीज सहित अन्य स्टोन क्रेशर संचालकों ने भी खुशी व्यक्त की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी खनन क्षेत्र में इसी तरह सुधार जारी रहेंगे।

 

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