अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
निठारी कांड के सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध मौत, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव
हरिद्वार। देश को झकझोर देने वाले चर्चित निठारी कांड का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव चाय की दुकान के भीतर फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मौके से तत्काल किसी सुसाइड नोट के मिलने की जानकारी नहीं है।
बताया जा रहा है कि जेल से रिहाई के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार में रह रहा था और भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान चलाता था। इसी दुकान के भीतर उसका शव मिलने से हड़कंप मच गया। करीब दो दशक पुराने निठारी कांड से जुड़े कोली की मौत की खबर सामने आते ही उस भयावह मामले की यादें एक बार फिर ताजा हो गईं।
नाले से मिले मानव अवशेषों ने देश को दहला दिया था
वर्ष 2005-06 के दौरान नोएडा के निठारी क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के लापता होने की शिकायतों ने सनसनी फैला दी थी। 29 दिसंबर 2006 को सेक्टर-31 स्थित डी-5 कोठी के पीछे नाले से मानव खोपड़ियां, कंकाल और कपड़ों के अवशेष बरामद होने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा का केंद्र बन गया।
जांच आगे बढ़ी तो बड़ी संख्या में मानव अवशेष बरामद किए गए। मामले में कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली के नाम सामने आए। पुलिस जांच के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया और दोनों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में मुकदमे चले।
फांसी की सजा से बरी होने तक लंबी चली कानूनी लड़ाई
निठारी कांड से जुड़े मामलों में सुरेंद्र कोली को कई मामलों में दोषी ठहराया गया और उसे मृत्युदंड तक सुनाया गया। हालांकि बाद की न्यायिक प्रक्रिया में उसकी स्थिति पूरी तरह बदल गई। वर्ष 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को निठारी से जुड़े मामलों में साक्ष्यों की कमी के आधार पर बरी कर दिया।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली के अंतिम लंबित आपराधिक मामले में भी उसकी दोषसिद्धि और सजा निरस्त करते हुए उसे बरी कर दिया। इसके बाद उसके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ।
‘सेक्टर 36’ फिल्म से फिर चर्चा में आया था निठारी कांड
निठारी कांड की भयावह घटनाओं ने फिल्म जगत को भी प्रभावित किया। इस मामले से प्रेरित हिंदी फिल्म ‘सेक्टर 36’ वर्ष 2024 में रिलीज हुई, जिसके बाद निठारी कांड एक बार फिर व्यापक चर्चा में आया।
अल्मोड़ा के पैतृक गांव में भी चर्चाओं का दौर
सुरेंद्र कोली का पैतृक संबंध अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे क्षेत्र से बताया जाता है। बताया जाता है कि उसका पैतृक घर अब जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। हरिद्वार में उसकी मौत की खबर पहुंचने के बाद स्याल्दे क्षेत्र में भी करीब दो दशक पुराने निठारी कांड को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
फिलहाल हरिद्वार पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुरेंद्र कोली की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

