देवभूमि की शांत वादियों में ‘पत्थरबाजों’ का आतंक! नैनीताल में रात होते ही घरों की छतों पर बरस रहे पत्थर, दहशत में लोग खुद कर रहे गश्त

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
देवभूमि की शांत वादियों में ‘पत्थरबाजों’ का आतंक! नैनीताल में रात होते ही घरों की छतों पर बरस रहे पत्थर, दहशत में लोग खुद कर रहे गश्त

मेविला, जिला पंचायत, सीमेंट हाउस और जीवाजी कॉटेज क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में भय; प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग।
नैनीताल
सरोवर नगरी नैनीताल, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और सभ्य संस्कृति के लिए देश-दुनिया में पहचान रखती है, इन दिनों असामाजिक तत्वों की हरकतों से दहशत के साये में है। शहर में लगातार बढ़ रही अराजक घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, देर रात होते ही कुछ अज्ञात असामाजिक तत्व मेविला, जिला पंचायत, सीमेंट हाउस, जीवाजी कॉटेज समेत आसपास के इलाकों में घरों की छतों और मकानों पर जमकर पथराव कर रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है और परिवार रातभर जागकर समय बिताने को मजबूर हैं।
हालात ऐसे बन गए हैं कि स्थानीय निवासी स्वयं रात में समूह बनाकर पुलिस की तरह गश्त कर रहे हैं, ताकि पत्थरबाजों को पकड़ा जा सके। हालांकि अभी तक कोई भी आरोपी लोगों के हाथ नहीं लग पाया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन शरारती तत्वों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। लोगों ने कुमाऊँ आयुक्त, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।
शांत और पर्यटन नगरी के रूप में प्रसिद्ध नैनीताल में इस तरह की घटनाएं न केवल स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही हैं, बल्कि शहर की छवि को भी धूमिल कर रही हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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