अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 बिंदुखत्ता 👉 लालकुआं 👉लालकुआं। बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक पिता को भीतर तक तोड़ दिया। मंगलवार को जब मृतका के पिता दिनेश चंद्र भट्ट लालकुआं कोतवाली पहुंचे, तो तहरीर देते-देते उनका दर्द छलक पड़ा। कोतवाल ब्रजमोहन सिंह राणा के सामने वह फफक-फफककर रो पड़े और बेटी की मौत को हादसा नहीं, बल्कि साजिश बताते हुए पति, जेठ और जेठानी पर गंभीर आरोप लगा दिए।
हल्दूचौड़ निवासी दिनेश भट्ट ने बताया कि 17 एकड़ गांधीनगर बिंदुखत्ता में रहने वाली उनकी बेटी सीमा की शादी साल 2016 में रमेश कुनियाल से हुई थी। दो बच्चों की मां सीमा कुछ वर्ष पहले घरेलू विवाद के चलते पुलिस तक भी पहुंची थी, जहां समझौता हो गया था। पिता का कहना है कि दो दिन पहले ही दामाद बाहर के काम से घर लौटा था। इस बीच अचानक सूचना मिली कि बेटी को चक्कर आया और वह बेहोश हो गई, जिसे रुद्रपुर अस्पताल ले जाया गया—लेकिन जब वे अस्पताल पहुंचे तो बेटी का शव मोर्चरी में रखा हुआ था।
“कुछ घंटे पहले बात हुई थी… वह बिल्कुल सामान्य थी”
गमजदा पिता ने बताया कि मौत से कुछ घंटे पहले बेटी ने फोन पर उनसे करीब 9 मिनट बातचीत की थी और मां से भी देर तक बात की—सब कुछ सामान्य था। ऐसे में अचानक मौत पर भरोसा नहीं हो रहा। पिता ने साफ कहा—“सिर्फ चक्कर आने से कोई मर नहीं जाता… मेरी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है।”
उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उनका दर्द कई बार आंसुओं के साथ बाहर आ गया। वहीं, कोतवाली प्रभारी ब्रजमोहन सिंह राणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने का भरोसा दिलाया है।







