AI-ML से लेकर जनरेटिव टेक तक — छात्रों को मिला भविष्य का रोडमैप

अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
तकनीकी उन्नति की राह पर युवा — AI-ML और कौशल विकास पर ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित

 

AI-ML से लेकर जनरेटिव टेक तक — छात्रों को मिला भविष्य का रोडमैप AI-ML से लेकर जनरेटिव टेक तक — छात्रों को मिला भविष्य का रोडमैप
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) विभाग तथा स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग (SOC) द्वारा Central Tool Room & Training Centre (CTTC), भुवनेश्वर के सहयोग से “तकनीकी उन्नति एवं कौशल विकास” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया गया।

AI-ML से लेकर जनरेटिव टेक तक — छात्रों को मिला भविष्य का रोडमैप


सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), डीप लर्निंग और जनरेटिव AI जैसी उभरती तकनीकों से परिचित कराना था। विशेषज्ञों ने बताया कि ये तकनीकें तेजी से उद्योगों को बदल रही हैं और आने वाले समय में इन क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ेगी।
कार्यक्रम में दो विशिष्ट विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।
पहले वक्ता श्री शिव शंकर कुमार प्रसाद ने टूल डिज़ाइन, औद्योगिक प्रशिक्षण और तकनीकी नवाचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इंडो-जर्मन टूल रूम तथा CTTC में अपने 8 वर्षों से अधिक अनुभव के आधार पर व्यावहारिक ज्ञान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने टूल डिज़ाइन में प्रकाशित शोध पत्रों और तीन डिज़ाइन पेटेंट की जानकारी भी साझा की।
दूसरी वक्ता सुश्री देबाश्री साहू ने AI-ML के वर्तमान रुझानों, करियर संभावनाओं और आवश्यक कौशलों पर विस्तार से चर्चा की। वे UI/UX डिज़ाइनर होने के साथ-साथ Google Developer Groups Bhubaneswar की कोर डिज़ाइन टीम की सदस्य भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने और नवाचार आधारित सीखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अकादमिक शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करना तथा विद्यार्थियों को भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना था। सत्र अत्यंत प्रेरणादायक रहा और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए तकनीकी क्षेत्र में अपने करियर को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर परिसर निदेशक डॉ. एम.सी. लोहानी ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीकी कौशल का निरंतर उन्नयन आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उद्योग के अनुरूप व्यावहारिक और शोध आधारित शिक्षा भी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने CTTC के साथ इस सहयोग को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री कमलेश पडलिया द्वारा किया गया।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ।