अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 हल्दुचौड़ं 👉 🚨 बेतरतीब कट बना मौत का जाल: NH की लापरवाही से गई महिला की जान, एक ही परिवार के 8 लोग गंभीर घायल 🚨
लालकुआं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर आईओसी डिपो के सामने बने अव्यवस्थित कट ने एक बार फिर जानलेवा साबित होकर प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी। शनिवार सुबह हल्द्वानी से लालकुआं की ओर जा रहा एक ऑटो जैसे ही हाईवे के कट से गुजर रहा था, तभी सामने से आ रही नेक्सॉन कार से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
इस दर्दनाक हादसे में 28 वर्षीय रोजी पत्नी शाहरुख निवासी गफूर बस्ती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में चार मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बनभूलपुरा के आजाद नगर लाइन नंबर 10 निवासी शोएब अपने भाई शाहरुख व अन्य परिजनों के साथ ऑटो संख्या UK04TB-2641 से लालकुआं की ओर जा रहा था। जैसे ही ऑटो आईओसी डिपो के सामने बने कट को पार कर रहा था, तभी हल्द्वानी की ओर से आ रही नेक्सॉन कार UK04AN-4247 से उसकी जबरदस्त टक्कर हो गई।
हादसे में घायल होने वालों में शाहरुख (35 वर्ष), उनके बच्चे अरहान (10), अर्श (8), उजैर (4) और 4 माह की मासूम मन्नत, ऑटो चालक शोएब का पुत्र रफीक, मुकद्दस (45) और मेहरू बी अंसारी (14) शामिल हैं। सभी को गंभीर हालत में हल्द्वानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलते ही हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी शंकर सिंह नयाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया।
NH की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों में इस हादसे के बाद भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि आईओसी डिपो के सामने बना यह कट लंबे समय से अव्यवस्थित और खतरनाक बना हुआ है, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
लोगों का आरोप है कि बिना उचित संकेतक, स्पीड कंट्रोल और सुरक्षित डिजाइन के बनाए गए ये कट सीधे तौर पर हादसों को न्योता दे रहे हैं। यदि समय रहते इन कटों को व्यवस्थित नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि इस मौत के कट को तत्काल बंद किया जाए या वैज्ञानिक तरीके से पुनः डिजाइन किया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
👉 यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का परिणाम है, जिसकी कीमत एक परिवार ने अपनी जान और अपनों की जिंदगी दांव पर लगाकर चुकाई है।







