अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
आईजी रिद्धिम अग्रवाल की सख्ती से घिरा धनंजय गिरी! करोड़ों की ठगी और जमीन सौदों के आरोपों के बीच अब ऊधमसिंह नगर SIT करेगी जांच
20 से अधिक शिकायतें, करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप, 80 से ज्यादा संपत्तियों के सौदों की चर्चा; जांच तेज होते ही शुरू हुई लॉबिंग की चर्चाएं
हल्द्वानी। करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और जमीन कारोबार से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना कर रहे धनंजय गिरी के मामले में कुमाऊं परिक्षेत्र की आईजी रिद्धिम अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। आईजी कार्यालय ने पहले से गठित एसआईटी को भंग कर मामले की जांच नैनीताल से हटाकर ऊधमसिंह नगर पुलिस की नई एसआईटी को सौंप दी है।
सूत्रों के अनुसार धनंजय गिरी के खिलाफ वर्षों से शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई और जांच की गति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। बताया जाता है कि उसके खिलाफ 20 से अधिक लिखित शिकायतें विभिन्न स्तरों पर पहुंच चुकी हैं। आरोप यह भी हैं कि पिछले कुछ वर्षों में उसने दर्जनों भूमि और संपत्तियों के सौदे किए, जबकि कई लोग स्वयं को उसके कथित धोखाधड़ी का शिकार बता रहे हैं।
मामले में नया मोड़ तब आया जब आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने पुरानी एसआईटी की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए जांच का दायरा और जिला दोनों बदल दिए। नई एसआईटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह हर 15 दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट आईजी कार्यालय को उपलब्ध कराए।
इसी बीच राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि जांच का दायरा बढ़ने के बाद कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा धनंजय गिरी के पक्ष में लॉबिंग की जा रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच के घटनाक्रम ने पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हल्द्वानी और काठगोदाम थानों में दर्ज मामलों की विवेचना भी अब ऊधमसिंह नगर स्थानांतरित कर दी गई है। आईजी कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को सभी अभिलेख और दस्तावेज नई एसआईटी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ सके।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपराध और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त नीति के बीच यह जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती है। करोड़ों रुपये की कथित ठगी और भूमि कारोबार से जुड़े आरोपों के इस बहुचर्चित मामले में नई एसआईटी की कार्रवाई आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे कर सकती है।
