अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
आईजी रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी की सख्ती से नैनीताल पुलिस का सबसे बड़ा नशा प्रहार
1.85 करोड़ की 618 ग्राम स्मैक के साथ राजस्थान के दो तस्कर गिरफ्तार, एसओजी और काठगोदाम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
हल्द्वानी। कुमाऊं परिक्षेत्र की आईजी रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में नैनीताल पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ वर्ष 2026 की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 85 लाख रुपये कीमत की 618 ग्राम स्मैक बरामद की है। इस कार्रवाई में राजस्थान के दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री के “मिशन ड्रग फ्री देवभूमि” एवं पुलिस के “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी द्वारा जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और सीओ हल्द्वानी अमित कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान तथा प्रभारी एसओजी मोहन सिंह सौन के नेतृत्व में काठगोदाम पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की।
पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पश्चिमी खेड़ा स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास निर्माणाधीन भवन के निकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान राजस्थान के भरतपुर निवासी गजब सिंह (27 वर्ष) और सीताराम (37 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। गजब सिंह के कब्जे से 311 ग्राम और सीताराम के कब्जे से 307 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसके अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और तस्करी में प्रयुक्त हुंडई औरा कार (RJ-05-CC-8027) भी बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे राजस्थान से स्मैक लेकर हल्द्वानी पहुंचे थे और काठगोदाम क्षेत्र में किसी व्यक्ति को इसकी डिलीवरी देने वाले थे। इसके बाद मुक्तेश्वर स्थित अपने रिश्तेदारों के यहां जाने की योजना थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी गजब सिंह के खिलाफ राजस्थान में आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। दूसरे आरोपी सीताराम के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल कुंदन कठायत, हेड कांस्टेबल त्रिलोक रौतेला, कांस्टेबल टीका राम, कांस्टेबल अशोक रावत, कांस्टेबल भानु प्रताप, कांस्टेबल अनिल गिरी और कांस्टेबल अरविंद बिष्ट की अहम भूमिका रही।
इस बड़ी सफलता पर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पूरी टीम को 2500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और देवभूमि को नशामुक्त बनाने के लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
