अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 शाहजहांपुर 👉 उत्तराखंड जागरण: संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के सत्संग में उमड़ा जनसैलाब, शाहजहाँपुर में गूंजा आध्यात्मिक संदेश
शाहजहाँपुर, 15 अप्रैल 2026।
विश्व-विख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के सत्संग कार्यक्रम में बुधवार को अपार जनसमूह उमड़ पड़ा। बरेली मोड़ स्थित साउथ सिटी के सामने रैली ग्राउंड में आयोजित इस भव्य सत्संग में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और आध्यात्मिक अमृतवाणी का लाभ प्राप्त किया। करीब 9 वर्षों के अंतराल के बाद महाराज जी के शाहजहाँपुर आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इससे पूर्व वर्ष 2017 में उनका यहां आगमन हुआ था।
कार्यक्रम की शुरुआत आदरणीया माता रीटा जी द्वारा गुरु तेगबहादुर जी महाराज की वाणी पर आधारित भजन “गुन गोबिंद गायो नहीं, जनम अकारथ कीन” के मधुर गायन से हुई, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने संत राजिन्दर सिंह जी महाराज का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
अपने प्रवचनों में संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि मनुष्य इस जीवन में प्रभु के नाम का स्मरण नहीं करता, तो उसका जन्म व्यर्थ चला जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मछली के लिए पानी जीवन का आधार है, उसी प्रकार मनुष्य के लिए प्रभु का नाम जीवन का सार है।

उन्होंने माया के मोह में फंसे मनुष्य को सचेत करते हुए कहा कि इंसान अपना अधिकांश समय धन, संबंधों और भौतिक सुख-सुविधाओं में लगा देता है, जबकि अंत समय में इनमें से कुछ भी साथ नहीं जाता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सच्चा ज्ञानी वही है, जो नाम-सिमरन कर अपने आत्मिक स्वरूप को पहचानता है और परमात्मा से जुड़ता है।
महाराज जी ने आगे कहा कि सच्चा आध्यात्मिक व्यक्ति न किसी से भयभीत होता है और न ही किसी को भय देता है, बल्कि प्रेम और शांति के मार्ग पर चलता है। ऐसे व्यक्ति के लिए प्रशंसा और निंदा, सोना और लोहा सभी समान होते हैं।
उत्तराखंड जागरण के पत्रकार एवं संपादक अजय अनेजा भी लालकुआं से शाहजहाँपुर पहुंचे और उन्होंने संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के सत्संग की कवरेज करने के साथ-साथ उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

सत्संग के पश्चात संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने अनेक श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक दीक्षा प्रदान कर ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाई तथा उन्हें प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव कराया।
कार्यक्रम के दौरान मानव सेवा के तहत जरूरतमंदों के लिए मुफ्त वस्त्र वितरण किया गया, जिसमें पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को कपड़े वितरित किए गए। साथ ही रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि संत राजिन्दर सिंह जी महाराज पिछले 35 वर्षों से विश्वभर में ध्यान-अभ्यास के माध्यम से लाखों लोगों को आध्यात्मिक मार्ग दिखा रहे हैं। उनकी पुस्तकें 56 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध हैं और उनके प्रवचनों के माध्यम से लोग आंतरिक शांति एवं आत्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित हो रहे हैं।
सावन कृपाल रूहानी मिशन के विश्वभर में 3400 से अधिक केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से मानवता की सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता का कार्य निरंतर किया जा रहा है।







