लालकुआं 🧐 के इस व्यक्ति को एवं पांच अन्य व्यक्तियों को गुंडा एक्ट से बाहर कर दो व्यक्तियों पर लगाई गुंडा एक्ट जिला अधिकारी नैनीताल ने

ख़बर शेयर करें

अजय अनेजा 👉 संपादक 👉 उत्तराखंड जागरण 👉 नैनीताल 👉

नैनीताल जनपद में कानून–व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा के बाद जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने गुंडा एक्ट से संबंधित प्रचलित मामलों पर महत्वपूर्ण निर्णय पारित किए हैं। पुलिस व संबंधितों से प्राप्त आख्या के आधार पर जहाँ छह व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही कार्यवाही निरस्त कर दी गई है, वहीं दो व्यक्तियों को छह माह तक जनपद की सीमा के बाहर रहने (जिला बदर) का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी निर्णय तथ्यों एवं वर्तमान परिस्थितियों का आकलन कर लिए गए हैं ताकि जनपद में शांति व सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।
छह व्यक्तियों पर प्रस्तावित गुंडा एक्ट कार्यवाही निरस्त
वर्तमान परिस्थितियों में शांत, जोखिम न पाए जाने पर दिया राहत का निर्णय
पुलिस आख्या के अनुसार इन व्यक्तियों की गतिविधियाँ सामान्य पाई गईं और सार्वजनिक शांति के लिए कोई तात्कालिक खतरा प्रतीत नहीं हुआ—
शाहरुख पुत्र मोहम्मद सलीम, थाना बनभूलपुरा (वर्तमान में मंडी में सब्जी व्यापार), विजय शर्मा थाना रामनगर, लखन भोला थाना बनभूलपुरा (हरिद्वार में निवास), विनायक पुत्र अनिल कुमार थाना रामनगर, आशु श्रीवास्तव पुत्र श्याम श्रीवास्तव थाना रामनगर तथा अमन गुप्ता पुत्र सीताराम थाना लालकुआँ।
जिला मजिस्ट्रेट ने पाया कि इन व्यक्तियों से फिलहाल कानून–व्यवस्था को कोई खतरा नहीं है, इसलिए इन पर प्रस्तावित एवं प्रचलित गुंडा एक्ट कार्यवाही को समाप्त कर दिया गया है।
दो व्यक्तियों को छह माह के लिए जनपद से बाहर रहने का आदेश
पुलिस रिपोर्ट में जोखिम की पुष्टि, गुंडा एक्ट की कार्यवाही अनुमोदित
(Nainital-Review of Gunda Act Cases-2 Jila Badar)City – एडीएम की कड़ी कार्रवाई: दो शातिर अपराधी छह माह के लिए जिला बदर संतकबीरनगर, 03 नवंबर 2025। जनपद में अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए अपर …पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने शाहरुख पुत्र साजिद निवासी इंदिरा नगर, थाना बनभूलपुरा तथा नवीन सिंह रावत पुत्र दीवान सिंह रावत निवासी डाक बंगला वार्ड संख्या–1, थाना कालाढूंगी को छह माह के लिए गुंडा घोषित करते हुए जनपद की सीमा से बाहर रहने का आदेश जारी किया है। प्रशासन के अनुसार इन व्यक्तियों की गतिविधियाँ सार्वजनिक शांति में बाधक पाई गईं और वर्तमान परिस्थितियों में उनके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही आवश्यक समझी गई।

क्या है गुंडा एक्ट
प्रशासन का कहना है कि गुंडा एक्ट एक निवारक प्रावधान है, जिसका उद्देश्य संभावित अपराधों को रोकना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है। निर्णय पूरी तरह पुलिस आख्या, मौजूदा परिस्थितियों और तथ्यों के विश्लेषण पर आधारित है। जनपद में कानून व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसी समीक्षा कार्रवाई जारी रहेगी।

 

error: Content is protected !!