उत्तराखंड की सबसे बड़ी औद्योगिक छलांग: किच्छा के खुरपिया फार्म में ₹1200 करोड़ से बस रहा आधुनिक इंडस्ट्रियल सिटी

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

उत्तराखंड की सबसे बड़ी औद्योगिक छलांग: किच्छा के खुरपिया फार्म में ₹1200 करोड़ से बस रहा आधुनिक इंडस्ट्रियल सिटी

 

1002 एकड़ में विकसित होगा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 75 हजार से अधिक रोजगार के अवसर; परियोजना का काम शुरू

किच्छा। उत्तराखंड के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना ने धरातल पर आकार लेना शुरू कर दिया है। ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा स्थित खुरपिया फार्म में करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) विकसित किया जा रहा है। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित यह परियोजना 1002 एकड़ भूमि पर विकसित होगी और उत्तराखंड की अब तक की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में गिनी जा रही है।

उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार परियोजना का कार्य शुरू हो चुका है और अगले कुछ वर्षों में यह आधुनिक औद्योगिक शहर पूरी तरह मूर्त रूप ले लेगा। यहां उद्योगों को प्लग एंड प्ले मॉडल के तहत सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे निवेशक बिना देरी के उत्पादन शुरू कर सकेंगे।

इस स्मार्ट औद्योगिक शहर में 24 घंटे बिजली और पानी की आपूर्ति, आधुनिक सड़क नेटवर्क, सीवरेज व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, हाई-स्पीड इंटरनेट, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और हरित क्षेत्र जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक औद्योगिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

औद्योगिक क्लस्टर में ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मास्युटिकल, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख क्षेत्रों की कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे उत्तराखंड में बड़े निवेश आने की संभावना बढ़ेगी और राज्य की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि किच्छा की रणनीतिक स्थिति, दिल्ली-एनसीआर और पंतनगर एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह परियोजना निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। इससे न केवल बड़े उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि स्थानीय छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को भी बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

परियोजना से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को व्यापक गति मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस औद्योगिक शहर के विकसित होने के बाद 75 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिलेगा और पलायन पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) मनीष बिष्ट ने बताया कि खुरपिया फार्म में आधुनिक औद्योगिक शहर विकसित करने का कार्य शुरू हो चुका है। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को तय समय में पूरा कर प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के औद्योगिक विकास के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।

अगर चाहें तो इसे “उत्तराखंड जागरण” की शैली में और अधिक प्रभावशाली तथा फ्रंट पेज लीड स्टोरी के रूप में भी तैयार किया जा सकता है।

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