अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 रुद्रपुर 👉
सितारगंज तहसील में विजिलेंस का बड़ा शिकंजा, रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचे गए संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक
भूमि से कुर्की हटाने और केसीसी ऋण की आरसी समाप्त कराने के नाम पर मांग रहे थे रिश्वत, हल्द्वानी विजिलेंस की ट्रैप टीम ने की कार्रवाई।
उधम सिंह नगर। भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सितारगंज तहसील में तैनात दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।
सतर्कता अधिष्ठान को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा भूमि पर जारी कुर्की आदेश समाप्त कराने, जमीन को बंधनमुक्त कराने तथा शिकायतकर्ता की पत्नी के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण की आरसी समाप्त कराने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत के अनुसार संग्रह अमीन ने ₹10,000 और वरिष्ठ सहायक ने ₹6,000 रिश्वत मांगी थी।
प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में ट्रैप टीम का गठन किया गया। बुधवार 29 जुलाई को टीम ने सितारगंज तहसील में जाल बिछाकर संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को ₹8,000 तथा वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा को ₹6,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सतर्कता अधिष्ठान अब मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
इस कार्रवाई के बाद सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर शिकायत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी हो तो उसकी सूचना टोल-फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दी जा सकती है।
उत्तराखंड जागरण के लिए यह कार्रवाई प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी और सख्त कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है।
