अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 नैनीताल 👉
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने प्रशिक्षु अधिकारियों को दिए प्रभावी प्रशासन और सुशासन के गुर
आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में कमिश्नरी की कार्यप्रणाली, राजस्व प्रशासन और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों पर किया विस्तृत मार्गदर्शन
नैनीताल, 30 जुलाई।
डॉ. रघुनंदन सिंह टोलिया उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी में आयोजित 16वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को एक विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने मुख्य वक्ता के रूप में राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2024 के माध्यम से चयनित 58 प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था, सुशासन और जनसेवा के मूल मंत्र साझा किए।

अपने संबोधन में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कमिश्नरी की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक ढांचे और उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कमिश्नरी स्तर पर राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था की निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि जनता को समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने सुशासन, प्रशासनिक सुधार, निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। आयुक्त दीपक रावत ने सभी प्रश्नों का व्यावहारिक, तार्किक और अनुभव आधारित उत्तर देते हुए प्रशिक्षु अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। उनके संवादात्मक और प्रेरणादायी संबोधन ने प्रतिभागियों को प्रशासनिक सेवा की चुनौतियों और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक डॉ. महेश कुमार ने आयुक्त को प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा, विषय-वस्तु और प्रशिक्षण के दौरान आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नवचयनित अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुशासन की अवधारणा तथा व्यवहारिक प्रशासन से परिचित कराना है।
सत्र के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य के प्रशासनिक दायित्वों के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम में कार्यक्रम निदेशक एवं संयुक्त निदेशक, उप निदेशक-सह-कार्यक्रम निदेशक, सीजीजी के कंसल्टेंट सहित अकादमी के अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षक भी उपस्थित रहे।
