अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
‘शेर सिंह के बाद अब अमित का बागी वीडियो वायरल, बोला- एनकाउंटर करना है तो मेरा भी करो’
जंतर-मंतर प्रकरण में निलंबित कांस्टेबल के समर्थन में आया एक और वर्दीधारी, इस्तीफे और 4600 ग्रेड पे की मांग का दावा; पुलिस ने नहीं की आधिकारिक पुष्टि
हल्द्वानी। उत्तराखंड पुलिस में जंतर-मंतर प्रकरण को लेकर मचा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह के समर्थन में अब पुलिस की वर्दी पहने एक और युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक खुद को पिथौरागढ़ में तैनात सिपाही अमित कुमार बताते हुए शेर सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आता है और कहता है कि यदि शेर सिंह का एनकाउंटर किया जाता है तो उसका भी एनकाउंटर कर दिया जाए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
वायरल वीडियो में युवक दावा करता है कि वह उत्तराखंड पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है और जल्द ही अपनी नौकरी से इस्तीफा देने वाला है। वह कहता है कि शेर सिंह ने दिल्ली के जंतर-मंतर में युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई थी और उसी कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। युवक आरोप लगाता है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान युवाओं के साथ मारपीट की गई और उनके समर्थन में खड़े होने वाले शेर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
वीडियो में युवक भावुक अंदाज में कहता है कि उसे अब पुलिस की नौकरी नहीं करनी और वह अगले ही दिन इस्तीफा दे देगा। साथ ही वह उत्तराखंड पुलिस के जवानों के लिए 4600 ग्रेड पे की मांग भी दोहराता है। वीडियो के अंत में वह “जय भीम, जय भारत, जय भारत उत्तराखंड” के नारे लगाते हुए अपना संदेश समाप्त करता है।
बताया जा रहा है कि यही वीडियो ‘शेर सिंह’ नाम की सोशल मीडिया आईडी से भी साझा किया गया है, जिससे इसे लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। वीडियो में युवक के गले में पुलिस का पहचान पत्र (आईडी कार्ड का फीता) भी दिखाई दे रहा है, जिससे प्रथम दृष्टया उसके पुलिसकर्मी होने का आभास होता है।
हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए सभी दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यक्ति वास्तव में उत्तराखंड पुलिस का जवान है या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस विभाग ने नहीं की है। इस मामले में उत्तराखंड पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस विभाग के भीतर भी इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। ऐसे में सभी की निगाहें अब पुलिस मुख्यालय की प्रतिक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं।
