बिंदुखत्ता की आपत्तियों पर शासन-प्रशासन की चुप्पी से भड़का वन अधिकार संगठन, 27 सितंबर को होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉 बिंदुखत्ता के मुद्दे पर शासन-प्रशासन के खिलाफ वन अधिकार संगठन का हमला, “आपत्तियों पर सुनवाई नहीं तो 27 सितंबर को होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन”
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन की पदयात्रा लगातार तेज होती जा रही है। शनिवार को पदयात्रा के 15वें दिन रावत नगर द्वितीय क्षेत्र में पहुंची, जहां सैकड़ों ग्रामीणों और महिलाओं ने भागीदारी करते हुए घर-घर जनसंपर्क किया। संगठन ने आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित विशाल रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी का आह्वान किया। वहीं, शाम को खुरियाखत्ता स्थित वन देवी मंदिर में भजन-कीर्तन और नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को आंदोलन से जोड़ने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पदयात्रा के समापन पर संयोजक अर्जुन नाथ गोस्वामी ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिला स्तरीय समिति ने जून 2024 में सर्वसम्मति से निर्णय लेकर बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने और बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पत्रावली उत्तराखंड शासन को भेज दी थी। इसके बावजूद वर्तमान जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय समिति द्वारा पत्रावली के पुनः परीक्षण के आदेश दिए गए हैं, जिसे संगठन ने कानून के प्रावधानों के विपरीत बताया है।
गोस्वामी ने कहा कि वनाधिकार समिति ने इस निर्णय के खिलाफ नियमानुसार राज्य स्तरीय निगरानी समिति के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन का आरोप है कि आपत्ति पर सुनवाई के लिए लगातार पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी सुनवाई नहीं की गई। समिति ने मांग की है कि नियमानुसार आपत्ति पर सुनवाई की जाए और सुनवाई के दौरान संगठन को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।
इसी मुद्दे को लेकर वन अधिकार संगठन और पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी लालकुआं के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में राज्य स्तरीय निगरानी समिति के समक्ष दर्ज आपत्ति पर नियमानुसार सुनवाई कराने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में स्थानीय प्रतिनिधियों को बैठकों में आमंत्रित नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और 27 सितंबर की प्रस्तावित विशाल रैली को निर्णायक रूप देने की तैयारी तेज कर दी गई है।
पदयात्रा में संगठन अध्यक्ष उमेश भट्ट, दुग्ध संघ डायरेक्टर गोविंद मेहता, अर्जुन नाथ गोस्वामी, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, बलवंत बिष्ट, खुशाल सिंह कोश्यारी, दौलत सिंह कोरंगा, रमेश गोस्वामी, दीपक रौतेला, भरत नेगी, दीपक जोशी, दीपक नेगी, करम सिंह कोरंगा, नंदन बोरा, सोहन लाल, भूपेश जोशी, दानी कोरंगा, प्रताप बिष्ट, मनोज खोलिया, दिनेश कोरंगा उर्फ डैनी, मीना मेहता, सुनील मेहरा, दुर्गा सिंह मेहता, दुर्गा देवी, लीला देवी, हंसी राणा, नीमा देवी, पुष्पा देवी, मीना देवी और जानकी मेहरा सहित सैकड़ों महिलाएं एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

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