अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
लालकुआं: टर्फ कार्यालय में घुसा मौत का करैत, वन विभाग के एक घंटे के रेस्क्यू ने टाला बड़ा हादसा
बिंदुखत्ता के टर्फ कार्यालय में मचा हड़कंप, सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ हरीश शर्मा ने सुरक्षित पकड़ा देश के सबसे विषैले सांपों में शामिल करैत, बरसात में सतर्क रहने की अपील।
लालकुआं। बिंदुखत्ता क्षेत्र के कार रोड स्थित टर्फ कार्यालय में बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यालय परिसर में अत्यंत विषैला करैत (Krait) सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही कर्मचारियों में दहशत फैल गई और तत्काल टर्फ निदेशक अनिल जोशी ने गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी चंदन अधिकारी को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ हरीश शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्यालय के भीतर छिपे करैत को पकड़ना आसान नहीं था। करीब एक घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के बाद टीम ने पूरी सतर्कता के साथ जहरीले सांप को सुरक्षित पकड़ लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद करैत को वन विभाग की अभिरक्षा में लेकर सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।
रेस्क्यू विशेषज्ञ हरीश शर्मा ने बताया कि करैत भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक है, जिसका जहर बेहद घातक होता है। यह सांप मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहता है और कई बार घरों व भवनों के भीतर छिप जाता है, जिससे अनजाने में इसके संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में करैत सहित अन्य विषैले सांप आबादी वाले क्षेत्रों की ओर अधिक निकलते हैं। ऐसे में लोग किसी भी सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।
हरीश शर्मा ने बताया कि वह अब तक 1,812 से अधिक सांपों का सफल रेस्क्यू कर चुके हैं। इस अभियान में राजेंद्र प्रसाद जोशी, दीपक भंडारी, फॉरेस्टर दीपचंद आर्य और दीपा शाह सहित वन विभाग की टीम ने अहम भूमिका निभाई। वन विभाग ने भी लोगों से बरसात के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और आपात स्थिति में तुरंत विभाग से संपर्क करने की अपील की।
