आईजी रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में बड़ा खुलासा: चंपावत एसपी रेखा यादव ने खोली फर्जी “गैंगरेप” केस की पोल देखें वीडियो

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 चंपावत 👉

आईजी रिद्धिम अग्रवाल की सख्ती में खुला “गैंगरेप” का झूठा खेल, एसपी रेखा यादव ने किया बड़ा खुलासा — राजनीतिक साजिश में फंसाए जा रहे थे बीजेपी कार्यकर्ता

नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म की कहानी निकली फर्जी, पूर्व बीजेपी पदाधिकारी कमल रावत पर साजिश रचने के आरोप

चम्पावत।

उत्तराखंड के चम्पावत जिले में नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती तौर पर जिस मामले को गैंगरेप बताकर राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही थी, वह अब पूरी तरह फर्जी और सुनियोजित साजिश के रूप में सामने आया है। कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में गठित विशेष टीम की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि न तो कोई गैंगरेप हुआ और न ही किसी बीजेपी कार्यकर्ता ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।

चम्पावत एसपी रेखा यादव ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध और व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते रचा गया था। जांच में सामने आया कि बीजेपी के पूर्व मंडल पदाधिकारी कमल रावत ने नाबालिग लड़की को पैसों और मदद का लालच देकर झूठी कहानी गढ़वाई। पुलिस के अनुसार कमल रावत पूर्व में हुई एक अन्य घटना को लेकर कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं से रंजिश रखता था और उन्हें फंसाने के उद्देश्य से यह पूरा षड्यंत्र तैयार किया गया।

बताया गया कि मामले में बीजेपी के एक पूर्व मंडल पदाधिकारी समेत दो अन्य लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए गए थे। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मामले को लेकर भारी चर्चा शुरू हो गई थी। लेकिन जब आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की, तब जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।

पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल, घटनास्थल की परिस्थितियों और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद पाया कि आरोपों की पुष्टि नहीं हो रही थी। जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे पूरा मामला संदिग्ध लगा। बाद में गहन पूछताछ में साजिश की परतें खुलती चली गईं।

एसपी रेखा यादव ने साफ कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमों में फंसाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्षता से काम कर रही है और जो भी लोग इस फर्जी कहानी को गढ़ने और फैलाने में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस खुलासे के बाद जिले में राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। वहीं पुलिस की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, क्योंकि एक झूठे आरोप ने कई लोगों की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को कठघरे में खड़ा कर दिया था।

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