अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
बिंदुखत्ता में राजस्व ग्राम की मांग पर उमड़ा जनसैलाब, 500 से ज्यादा लोग सड़क पर
17वें दिन पदयात्रा ने लिया विशाल रैली का रूप, महिलाओं-बच्चों की भारी भागीदारी; जनगीतों और झोड़ा-चांचरी से गूंजा खुरियाखत्ता
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर वनाधिकार संगठन के नेतृत्व में 15 अगस्त से जारी घर-घर जनजागरूकता पदयात्रा के 17वें दिन सोमवार को खुरियाखत्ता क्षेत्र में जबरदस्त जनसैलाब उमड़ पड़ा। खुरियाखत्ता दुग्ध समिति से शुरू हुई पदयात्रा खुरियाखत्ता नंबर-1, नंबर-2 और मालूझत्ता होते हुए वापस दुग्ध समिति पहुंचकर संपन्न हुई। पदयात्रा में महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भारी मौजूदगी ने इसे विशाल रैली का रूप दे दिया।
पदयात्रा के दौरान 200 से अधिक घरों तक पहुंचकर लोगों को बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग के प्रति जागरूक किया गया। आयोजकों के अनुसार, करीब 500 से अधिक लोगों ने पदयात्रा में भाग लेकर आंदोलन के प्रति बढ़ते जनसमर्थन का संदेश दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की भागीदारी विशेष रूप से चर्चा का विषय रही।
पदयात्रा के दौरान लोक गायक जीवन पांडे ने जनकवि गिरदा के जनगीतों की प्रस्तुति देकर माहौल में जोश भर दिया। जनगीतों के बीच पदयात्रियों ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग को जोरदार ढंग से बुलंद किया। पूरे मार्ग में आंदोलनकारियों और ग्रामीणों में उत्साह नजर आया।
वहीं बटुकेश्वर महादेव मंदिर में सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक झोड़ा और चांचरी की प्रस्तुति दी। महिलाओं ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने की कामना के साथ भगवान महादेव से आशीर्वाद लिया। आंदोलन के साथ लोक संस्कृति के इस संगम ने पदयात्रा को अलग पहचान दी।
27 सितंबर की रैली को लेकर बढ़ा उत्साह
17वें दिन उमड़ी भारी भीड़ ने आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित जनसभा एवं विशाल रैली को लेकर भी ग्रामीणों के उत्साह को बढ़ा दिया। पदयात्रा में शामिल लोगों के बीच चर्चा रही कि जब घर-घर जनसंपर्क अभियान में ही इतना बड़ा जनसमर्थन देखने को मिल रहा है, तो 27 सितंबर की जनसभा और रैली का स्वरूप और भी बड़ा हो सकता है।
वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोग अब अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए एकजुट हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि घर-घर पहुंच रही पदयात्रा ने साबित कर दिया है कि राजस्व ग्राम की मांग अब कुछ लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे बिंदुखत्ता की सामूहिक आवाज बन चुकी है।
पदयात्रा में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव एडवोकेट बलवंत बिष्ट, उपाध्यक्ष भरत नेगी, दीपक जोशी, ममता बिष्ट, संध्या डालाकोटी, खुरियाखत्ता पदयात्रा संयोजक रमेश गोस्वामी सहित नंदन बोरा, दीपक नेगी, भूपेश जोशी, दौलत कोरंगा, करम सिंह कोरंगा, प्रताप बिष्ट, हरीश कोरंगा, उदय सिंह मेहरा, मोहन सिंह बोरा, मोहनी मेहता, द्रोपदी देवी, भारती देवी, मोतिमा देवी और रुकमा देवी, जानकी देवी समेत सैकड़ों महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे।

