अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
दिल्ली में संपन्न हुआ 30वां विश्व आध्यात्मिक सम्मेलन, 2 लाख से ज्यादा लोग जुटे
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आठ दिनों तक चला 30वां विश्व आध्यात्मिक सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। सम्मेलन के समापन सत्र में सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्द्र सिंह जी महाराज ने समापन संदेश दिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान भाजपा विधायक अशोक गोयल सहित विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु और 650 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
13 से 20 सितंबर तक आयोजित हुआ सम्मेलन
सम्मेलन का आयोजन 13 से 20 सितंबर तक दिल्ली के तालकटोरा गार्डन और संत दर्शन सिंह जी धाम में किया गया। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में देश-विदेश से पहुंचे दो लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड और कनाडा सहित कई देशों से प्रतिनिधि सम्मेलन में पहुंचे।
समापन सत्र का विशेष आकर्षण संत राजिन्द्र सिंह जी महाराज का 80वां जन्मदिन समारोह भी रहा। आध्यात्मिकता, मानवता, प्रेम और विश्व एकता के संदेश के साथ आयोजित सम्मेलन में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए।
प्रेम और ध्यान से ईश्वर की प्राप्ति का संदेश
संत राजिन्द्र सिंह जी महाराज ने कहा कि मनुष्य केवल शरीर या मन नहीं है, बल्कि सभी ईश्वर के प्रेम और प्रकाश से भरी आत्माएं हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर तक पहुंचने का रास्ता प्रेम का रास्ता है। उन्होंने लोगों से ध्यान को बाहरी भटकाव से हटाकर अपने भीतर लगाने और स्वयं को जानने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में मनुष्य को अपने भीतर झांकने और आत्मिक शांति की ओर बढ़ने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी जन्मदिन की बधाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संत राजिन्द्र सिंह जी महाराज को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनकी इंजीनियरिंग से आध्यात्मिकता तक की यात्रा को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि वे उच्च शिक्षित संत हैं और वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ दुनिया में आध्यात्मिक ज्ञान एवं एकता का संदेश फैला रहे हैं।
भाजपा विधायक अशोक गोयल ने संत राजिन्द्र सिंह जी महाराज को विज्ञान और आध्यात्मिकता का दुर्लभ संगम बताते हुए कहा कि उनका जीवन मानवता की सेवा के लिए समर्पित है।
विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने रखे विचार
समापन समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि, गोस्वामी सुशील जी, सैय्यद फरीद अहमद निजामी, रब्बी एजेकिल इसाक मालेकर, आचार्य येशी फुटसोक और फादर रोड्रिग्स सहित विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने अपने विचार रखे।
समारोह में माता रीटा जी ने भजन प्रस्तुत किया। इस दौरान देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक संदेशों को सुना और मानवता, प्रेम तथा भाईचारे का संदेश लिया।
सेवा कार्य भी सम्मेलन का हिस्सा रहे
सम्मेलन के दौरान आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक सेवा गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इस अवसर पर 68वां रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच एवं मोतियाबिंद सर्जरी शिविर तथा अन्य सेवा एवं वितरण शिविर लगाए गए।
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान के साथ मानव सेवा, आपसी भाईचारे, प्रेम और विश्व एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा। आठ दिनों तक चले इस आयोजन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी रही और समापन के साथ सम्मेलन ने आध्यात्मिकता एवं मानवता की सेवा का संदेश दिया।

