अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
संत राजेंद्र सिंह जी महाराज के सत्संग में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने सुनी अमृतवाणी
काशीपुर। काशीपुर के गढ़ी नेकी रोड स्थित कुंडा चौराहे के निकट कृपाल आश्रम में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु संत राजेंद्र सिंह जी महाराज के सत्संग में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। भारत के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी पहुंचे भाई-बहनों की उपस्थिति से पूरा आश्रम आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान काशीपुर के मेयर दीपक बाली ने संत राजेंद्र सिंह जी महाराज का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। सत्संग का शुभारंभ माता रीटा जी ने संत सूरदास जी की वाणी पर आधारित भजन ‘प्रभु जी मेरे अवगुण चित न धरौ’ के भावपूर्ण गायन से किया।
अपने प्रवचन में संत राजेंद्र सिंह जी महाराज ने कहा कि हम सभी परमात्मा की संतान हैं, लेकिन संसार की माया में उलझने के कारण आत्मा अनेक विकारों और अवगुणों से घिर जाती है। मनुष्य को प्रभु से प्रार्थना करनी चाहिए कि वह उसके अवगुणों को क्षमा कर अपनी दया-मेहर से उसे भवसागर से पार लगाए।
महाराज जी ने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार पारस पत्थर के स्पर्श से लोहा सोना बन जाता है, उसी प्रकार परमात्मा की कृपा से मनुष्य की आत्मा भी निर्मल होकर उसके स्वरूप में समा सकती है। उन्होंने कहा कि मानव शरीर अनमोल है। इसी जीवन में मनुष्य स्वयं को जानकर परमात्मा की प्राप्ति कर सकता है। शरीर को हरि-मंदिर बताते हुए उन्होंने कहा कि आत्मा को पवित्र बनाने के लिए प्रभु के शब्द से जुड़ना और ध्यान-अभ्यास करना आवश्यक है। माया के बंधनों से मुक्त होकर ही आत्मा अपने वास्तविक आध्यात्मिक लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है।
संत राजेंद्र सिंह जी महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रेम, शांति, आत्मज्ञान और मानव एकता का संदेश देते हुए कहा कि ध्यान-अभ्यास के माध्यम से मनुष्य अपने भीतर विद्यमान ईश्वरीय प्रकाश का अनुभव कर सकता है।
सत्संग के बाद आध्यात्मिक दीक्षा, रक्तदान और वस्त्र वितरण
सत्संग के समापन पर संत राजेंद्र सिंह जी महाराज ने अनेक नए जिज्ञासु भाई-बहनों को प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव कराते हुए आध्यात्मिक दीक्षा प्रदान की। कार्यक्रम में रक्तदान शिविर के साथ जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क वस्त्र वितरण शिविर भी आयोजित किया गया।
संत राजेंद्र सिंह जी महाराज पिछले 37 वर्षों से विश्वभर में ध्यान-अभ्यास के माध्यम से शांति, प्रेम और मानव एकता का संदेश दे रहे हैं। वे आध्यात्मिक विषयों और ध्यान-अभ्यास पर अपनी पुस्तकों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हैं। सावन कृपाल रूहानी मिशन के विश्वभर में 3,500 से अधिक केंद्र स्थापित हैं। मिशन का मुख्यालय दिल्ली के विजय नगर और अमेरिका के शिकागो क्षेत्र के नेपरविले में स्थित है।

