रेखा आर्य–गिरधारी लाल साहू विवाद: बरेली से दिल्ली तक SIT की दबिश, करीबियों से पूछताछ; फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी नजरें

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
रेखा आर्य–गिरधारी लाल साहू विवाद: बरेली से दिल्ली तक SIT की दबिश, करीबियों से पूछताछ; फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी नजरें
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच टीम बरेली, हल्द्वानी और दिल्ली में दबिश देकर मामले से संबंधित जानकारियां जुटा रही है। इसके साथ ही गिरधारी लाल साहू के करीबियों से भी पूछताछ की गई है। एसआईटी कारोबारी लेनदेन, कंपनियों के संचालन और विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान उन कंपनियों से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, जिनके पदों और दस्तावेजों में कथित हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं। एसआईटी कंपनी के मूल दस्तावेजों, हस्ताक्षरों, वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही है, ताकि आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
रेखा आर्य के बयान दर्ज, SIT को सौंपी ऑडियो रिकॉर्डिंग
मामले में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने जांच टीम को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। दावा किया गया है कि इस रिकॉर्डिंग में रेखा आर्य और उनके नाबालिग बच्चों को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश से संबंधित बातचीत है। हालांकि, रिकॉर्डिंग में मौजूद बातचीत और उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
ऑडियो को AI से तैयार फर्जी रिकॉर्डिंग बता चुके हैं साहू
गिरधारी लाल साहू इस ऑडियो रिकॉर्डिंग को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई फर्जी रिकॉर्डिंग बता चुके हैं। ऐसे में जांच के दौरान ऑडियो की वास्तविकता, उसकी प्रामाणिकता और डिजिटल साक्ष्यों की जांच अहम मानी जा रही है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई
एसआईटी प्रभारी एवं एसपी देहात जया बालोनी के मुताबिक, जांच टीम फिलहाल संबंधित लोगों के बयान, दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ से मिली जानकारियों का आपस में मिलान कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जांच का केंद्र कंपनियों के दस्तावेज, कथित वित्तीय अनियमितताएं और विवाद से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता है। एसआईटी की जांच पूरी होने और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले के विभिन्न पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।