अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम आंदोलन की विशाल रैली
बिंदुखत्ता के राजस्व ग्राम की मांग पर लालकुआं में उमड़ा जनसैलाब, हजारों ग्रामीणों ने निकाली विशाल रैली
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को लालकुआं में हजारों ग्रामीणों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। वनाधिकार संगठन के आह्वान पर बिंदुखत्ता के विभिन्न गांवों से ग्रामीण जनता इंटर कॉलेज जड़ सेक्टर में एकत्र हुए। यहां से विशाल रैली लालकुआं बाजार होते हुए तहसील परिसर पहुंची, जहां ग्रामीणों ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की अधिसूचना तत्काल जारी करने की मांग उठाई।
रैली में ग्रामीणों की भारी भीड़ के चलते लालकुआं का माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया। आयोजकों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे तक जड़ सेक्टर स्थित स्कूल में लगभग छह हजार ग्रामीण पहुंच चुके थे, जबकि बाद में रैली में शामिल लोगों की संख्या 10 हजार से अधिक हो गई। ग्रामीणों ने राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की।
वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि बिंदुखत्ता के 32 गांवों के 11,703 दावेदारों की ओर से वनाधिकार कानून-2006 की धारा 3(1)(ज) के तहत प्रस्तुत सामुदायिक दावे को 19 जून 2024 को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति ने सर्वसम्मति से पारित किया था। इसके बाद राजस्व ग्राम की अधिसूचना और बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग वर्षों पुरानी है। इसके लिए लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए जाते रहे हैं। वहीं, 15 अगस्त से पदयात्रा के माध्यम से गांव-गांव जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। रविवार की रैली को इसी आंदोलन की महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा और बिंदुखत्ता के राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। रैली के बाद धरना-प्रदर्शन के माध्यम से राजस्व ग्राम की अधिसूचना के साथ गौला नदी के किनारे स्थायी तटबंध निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
हजारों ग्रामीणों की रैली को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। लालकुआं बाजार से लेकर तहसील परिसर तक पुलिस बल तैनात रहा और पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी गई। रैली के चलते लालकुआं में काफी देर तक भीड़ और आवाजाही का दबाव बना रहा।

