अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 हल्दुचौड़ं 👉 मोटाहल्दु 👉
गौला गेट में हाथियों का कहर, खेतों में बाघ-तेंदुए की दहशत; दुकान ढही, धान की फसल रौंदी
चार साल पहले लगी सोलर फेंसिंग बैटरी के अभाव में बेकार, रात-रातभर फसलों की रखवाली को मजबूर किसान; ग्राम प्रधान पूजा बिष्ट व वार्ड सदस्य अभय उपाध्याय ने DFO दीपक सिंह को कराया अवगत
हल्दूचौड़। गौला गेट क्षेत्र में इन दिनों जंगली जानवरों का आतंक ग्रामीणों और किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। हाथियों के झुंड ने क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाते हुए एक दुकान को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि खेतों में खड़ी धान की फसल को रौंदकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। दूसरी ओर बाघ और तेंदुए की सक्रियता की सूचनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार दुर्गापालपुर परमा निवासी प्रकाश चंद्र गुरु रानी की दुकान लालकुआं निवासी सुभाष चंद्र गुप्ता को किराये पर दी गई थी। बीते दिनों हाथियों के झुंड ने दुकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। आसपास के खेतों में घुसकर हाथियों ने खड़ी धान की फसल को भी रौंद दिया। किसानों का कहना है कि हाथी, जंगली सूअर, नीलगाय और हिरन लगातार खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
खेत बचाएं या जान—किसानों के सामने बड़ा संकट
जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक के चलते किसान अपनी मेहनत से तैयार फसल की सुरक्षा के लिए दिन-रात खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय खेतों में वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण उनकी जान पर भी खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में तेंदुए को दो शावकों के साथ देखे जाने की सूचना भी सामने आई है। खेतों और आबादी के आसपास लगातार वन्यजीवों की गतिविधियों से बच्चों, बुजुर्गों और खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बाइक के सामने आया बाघ, युवक घायल
इसी बीच हल्दूचौड़ परमा निवासी दया किशन उपाध्याय के पुत्र अभय उपाध्याय के साथ भी बाघ की मौजूदगी के चलते हादसा होने की बात सामने आई है। बताया गया कि अभय बाइक से घर लौट रहे थे। परमा और जयराम की गली के पास अचानक बाघ दिखाई देने पर उनकी बाइक रपट गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के गन्ने के खेत में बाघ के दो शावक होने की सूचना भी है। शिकायत के बाद वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि बाघ और शावकों की सुरक्षित निगरानी अथवा रेस्क्यू को लेकर अभी ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।
चार साल पुरानी सोलर फेंसिंग, बैटरी नहीं तो सुरक्षा कैसे?
ग्रामीणों ने वन विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया कि करीब चार वर्ष पहले जंगली जानवरों को खेतों में घुसने से रोकने के लिए सोलर फेंसिंग लगाई गई थी, लेकिन वर्तमान में बैटरी के अभाव में यह व्यवस्था निष्क्रिय पड़ी है। किसानों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था ही काम नहीं करेगी तो वन्यजीवों से फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा कैसे होगी।
DFO दीपक सिंह को कराया अवगत
जंगली हाथियों और तेंदुए के बढ़ते आतंक को लेकर ग्राम प्रधान पूजा बिष्ट और वार्ड सदस्य अभय उपाध्याय ने मामले से DFO दीपक सिंह को अवगत कराया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में तत्काल गश्त बढ़ाने, सोलर फेंसिंग को दुरुस्त कर चालू कराने, वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी करने तथा फसल क्षति का सर्वे कर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गौला गेट क्षेत्र में लगातार बढ़ रही वन्यजीवों की सक्रियता को गंभीरता से लेते हुए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने जरूरी हैं, ताकि फसल नुकसान के साथ किसी बड़े जनहानि के खतरे को भी टाला जा सके।

