अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
“मैं पक्का भाजपाई, सुनवाई नहीं हुई तो पीएम आवास पर दूंगा धरना!” पप्पू गिरधारी के बागी तेवर, रेखा आर्य प्रकरण में सियासी घमासान तेज
देहरादून/बरेली। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर और गरमा गया है। गंभीर आरोपों के बीच दर्ज मुकदमे के बाद से पप्पू गिरधारी के सामने नहीं आने और सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो जारी करने से मामला लगातार सुर्खियों में है। अब उन्होंने खुद को भाजपा का पुराना कार्यकर्ता बताते हुए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक धरना देने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, मामले की जांच में जुटी एसआईटी की कार्रवाई और कथित वायरल ऑडियो ने विवाद को और तूल दे दिया है।
पीएम आवास पर धरने की चेतावनी, बोले- मैं आज भी पक्का भाजपाई
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पप्पू गिरधारी अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि वह वर्ष 1995 से 2000 तक सभासद रहे और वर्ष 2000 में महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्होंने खुद को भाजपा का वफादार कार्यकर्ता बताते हुए आरोपों को खारिज किया और कहा कि यदि वह दोषी हैं तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजे, लेकिन यदि शिकायत झूठी है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री आवास पर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठेंगे। जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात भी कही। पत्नी रेखा आर्य को संबोधित करते हुए उन्होंने करीब 25 साल के साथ का हवाला दिया और अपने खिलाफ की गई कार्रवाई पर नाराजगी जताई। वीडियो में उन्होंने बाबा वनखंडीनाथ का जिक्र करते हुए भी भावनात्मक अपील की। उनके इन बयानों के बाद मामले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
बरेली पहुंची एसआईटी, पुराने मुकदमों के रिकॉर्ड खंगालने का दावा
मामले की जांच के लिए देहरादून पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के बरेली पहुंचने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, टीम ने गिरधारी लाल साहू से जुड़े पुराने मुकदमों और अन्य दस्तावेजों के संबंध में पड़ताल की। कुछ वकीलों और जानकारों से बातचीत किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि, एसआईटी की कार्रवाई और स्थानीय पुलिस से समन्वय को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
39 मुकदमों का दावा, फोन बंद होने से तलाश में जुटी पुलिस
मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से पप्पू गिरधारी के खिलाफ पूर्व में 39 मुकदमे दर्ज होने की बात कही जा रही है। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं। वर्ष 1990 के चर्चित जैन दंपती हत्याकांड में भी उनका नाम सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, किसी मुकदमे में नाम होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
वर्तमान प्रकरण में उनका मोबाइल फोन बंद होने और उनके सामने नहीं आने की खबरों के बीच पुलिस उनकी तलाश में जुटी बताई जा रही है। पुराने रिकॉर्ड के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह जांच और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
वायरल ऑडियो में 25 लाख रुपये की चर्चा, सत्यता की पुष्टि नहीं
इस विवाद में कथित वायरल ऑडियो ने भी नया मोड़ ला दिया है। ऑडियो में पप्पू गिरधारी और उनकी पूर्व मैनेजर कल्पना के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। इसमें कथित तौर पर जमानत, मदद और 25 लाख रुपये के लेन-देन का जिक्र होने की बात सामने आई है। हालांकि, ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही इसके आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा। जांच एजेंसियां इस पहलू की पड़ताल कर रही हैं या नहीं, इसकी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
पारिवारिक विवाद से सियासी संग्राम तक पहुंचा मामला
रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब निजी आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है। एक ओर मुकदमे और जांच की कार्रवाई है, तो दूसरी ओर पप्पू गिरधारी की धरने की चेतावनी ने मामले को नया राजनीतिक रंग दे दिया है। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई, एसआईटी की जांच और कथित ऑडियो की सत्यता पर टिकी हैं। फिलहाल, आरोपों की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

