सेंचुरी पल्प एंड मिल का फार्मासिस्ट चला रहा “स्पाइन क्लीनिक सूत्र”? हल्दूचौड़ में खुलेआम कमर-दर्द का इलाज, लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ के आरोप

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 हल्दुचौड़ं 👉 सेंचुरी मिल का फार्मासिस्ट चला रहा “स्पाइन क्लीनिक”? हल्दूचौड़ में खुलेआम कमर-दर्द का इलाज, लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ के आरोप
हल्दूचौड़।
नैनीताल जनपद के हल्दूचौड़ क्षेत्र में संचालित “यंग स्पाइन क्लिनिक” इन दिनों सवालों के घेरे में है। क्लिनिक के बाहर लगे बोर्ड, सोशल मीडिया पोस्टरों और प्रचार सामग्री में “Advance Chiropractic & Osteopathy”, “Myofascial Release”, “T4 Syndrome”, “कमर दर्द, गर्दन दर्द, हाथों में सुन्नपन” जैसे गंभीर रोगों के इलाज के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं।

सेंचुरी पल्प एंड मिल का फार्मासिस्ट चला रहा “स्पाइन क्लीनिक सूत्र”? हल्दूचौड़ में खुलेआम कमर-दर्द का इलाज, लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ के आरोप सेंचुरी पल्प एंड मिल का फार्मासिस्ट चला रहा “स्पाइन क्लीनिक सूत्र”? हल्दूचौड़ में खुलेआम कमर-दर्द का इलाज, लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ के आरोप
सूत्रों के अनुसार यह क्लिनिक सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल में कार्यरत फार्मासिस्ट डॉक्टर राकेश द्वारा संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी में नौकरी करने के साथ-साथ हल्दूचौड़ स्थित गोपीपुरम क्षेत्र में निजी क्लिनिक खोलकर लोगों का इलाज किया जा रहा है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस नियम और किस अनुमति के तहत एक कंपनी कर्मचारी निजी क्लिनिक संचालित कर रहा है?
पोस्टरों में “Young Spine Clinic” नाम से प्रचार करते हुए “Less Medicine, More Healing” का स्लोगन लिखा गया है। वहीं दूसरे पोस्टर में “T4 Syndrome” नामक बीमारी का उल्लेख करते हुए हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन और दर्द के इलाज का दावा किया गया है। तीसरे पोस्टर में क्लिनिक के बाहर बड़ा बोर्ड लगाकर “Advance Chiropractic & Osteopathy” सेवाएं देने की बात कही गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति के पास इस प्रकार की चिकित्सा पद्धति से इलाज करने की वैध डिग्री, पंजीकरण और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति है? क्योंकि Chiropractic और Osteopathy जैसी चिकित्सा पद्धतियों को लेकर भारत में स्पष्ट नियामकीय व्यवस्था और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। ऐसे में बिना मानक जांच के इलाज लोगों की जान पर भारी पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे खुले इस क्लिनिक में कमर दर्द, गर्दन दर्द और नसों से जुड़ी समस्याओं का इलाज खुलेआम किया जा रहा है। कई मरीज दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं। लेकिन अब क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि इलाज के दौरान किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को भी इस क्लिनिक के संचालन और यहां दी जा रही चिकित्सा सेवाओं की जानकारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति किसी निजी कंपनी में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत है तो उसे निजी चिकित्सा प्रैक्टिस के लिए संबंधित नियमों और लाइसेंस का पालन करना अनिवार्य होता है। बिना अनुमति गंभीर बीमारियों का इलाज करना कानूनी विवाद खड़ा कर सकता है।
अब क्षेत्रीय जनता स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग कर रही है कि “यंग स्पाइन क्लिनिक” की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि यहां किस योग्यता और किस अनुमति के आधार पर इलाज किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच हो कि क्या मरीजों की सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।