अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉 बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग पर आर-पार की लड़ाई, आज से अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू
30 हजार से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर केंद्र को भेजे, वर्षों से लंबित मांग पर आंदोलनकारियों ने तेज किया आंदोलन
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। शुक्रवार 2 अक्टूबर से शहीद स्मारक बिंदुखत्ता में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी बिंदुखत्ता, फ्रंटल संगठनों, इंडिया गठबंधन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता अनशन में शामिल हुए।
राजस्व गांव की मांग को लेकर मंगलवार को हुई बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई थी। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 2 अक्टूबर से तहसील परिसर में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसी क्रम में आज शहीद स्मारक बिंदुखत्ता से अनशन की शुरुआत की गई।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग वर्षों से उठाई जा रही है। क्षेत्र के 32 गांवों के 11,703 दावेदारों की ओर से प्रस्तुत सामुदायिक वन अधिकार दावे को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति द्वारा 19 जून 2024 को स्वीकार किए जाने के बावजूद राजस्व गांव की अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। अभियान के तहत 30 हजार से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर केंद्रीय जनजाति मंत्रालय एवं भारत सरकार को भेजे गए हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि अब ग्रामीण केवल आश्वासन नहीं, बल्कि राजस्व गांव की अधिसूचना जारी होने की ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
अन्य जनसमस्याएं भी आंदोलन में शामिल
राजस्व गांव की मांग के साथ बिंदुखत्ता क्षेत्र की अन्य समस्याओं को भी आंदोलन में शामिल किया गया है। इनमें गौला नदी में स्थायी तटबंध निर्माण, सेंचुरी पेपर मिल से निकलने वाले प्रदूषित नालों को भूमिगत करने, घोड़ानाला क्षेत्र में नलकूप एवं ओवरहेड टैंक की स्थापना, पेपर मिल में स्थानीय लोगों को रोजगार, शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से स्वीकृत मिनी खेल स्टेडियम का निर्माण शीघ्र शुरू कराने तथा बिंदुखत्ता में गन्ना कोऑपरेटिव सोसायटियों के गठन की मांग प्रमुख है।
आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 11 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी क्रमिक अनशन की व्यवस्थाओं के साथ आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों और रणनीति को अंतिम रूप देगी।
ये लोग रहे मौजूद
क्रमिक अनशन के दौरान भारतीय किसान महासभा बिंदुखत्ता की अध्यक्ष विमला पाल, कार्यक्रम मुख्य संयोजक सूबेदार मेजर कुंदन सिंह मेहता, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिंदुखत्ता अध्यक्ष प्रदीप बथ्याल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र दुर्गापाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा, नंदन दुर्गापाल, महिला नेत्री बिना जोशी, महिला नेत्री मीना रावत, राजेंद्र खानवाल, राकेश कुमार, कुंदन सिंह मेहता, प्रकाश कापड़ी, हरिश बिष्ट, भगवान सिंह धामी, प्रमोद कालोनी, गोविंद भट्ट, गुरुदयाल सिंह, उर्मिला धामी, दीपक बिष्ट, शोभर जोशी, त्रिलोक मेहता, राजेंद्र सिंह खानवाल, नारायण सिंह, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, फूलादेवी, भुवन जोशी, आनंद सिंह रिजुवाली, किशन सिंह बड़ाई सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि राजस्व गांव की अधिसूचना जारी होने तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा।

