नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट हो सकता है उत्तराखंड हाईकोर्ट, बेलबाबा क्षेत्र पर मंथन तेज सूत्र:पड़े पूरी खबर

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 सूत्र: हाईकोर्ट शिफ्टिंग की कवायद फिर तेज, बेलबाबा क्षेत्र बना नया विकल्प

नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट हो सकता है उत्तराखंड हाईकोर्ट, बेलबाबा क्षेत्र पर मंथन तेज
हल्द्वानी। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने की लंबे समय से चल रही कवायद एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार अब रामपुर रोड स्थित बेलबाबा मंदिर के निकट क्षेत्र को हाईकोर्ट परिसर के लिए संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है। इस संबंध में शासन और जिला प्रशासन स्तर पर विभिन्न पहलुओं पर मंथन और प्रारंभिक प्रक्रियाएं चल रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित स्थल पर उपलब्ध भूमि, पहुंच मार्ग, यातायात व्यवस्था, पर्यावरणीय प्रभाव तथा अन्य प्रशासनिक आवश्यकताओं का परीक्षण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट से जुड़ी एक समिति भी स्थल निरीक्षण और आवश्यक जांच प्रक्रिया के लिए क्षेत्र में पहुंच चुकी है। हालांकि अभी तक किसी भी स्थान को अंतिम रूप नहीं दिया गया है और विभिन्न तकनीकी व कानूनी पहलुओं की जांच जारी है।
गौरतलब है कि इससे पहले हाईकोर्ट को गौलापार क्षेत्र में स्थापित करने की योजना पर भी गंभीरता से कार्य किया गया था। उस दौरान भूमि चिह्नीकरण सहित कई प्रक्रियाएं आगे बढ़ी थीं, लेकिन वन भूमि और पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दों के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका था।
दरअसल, नैनीताल में सीमित भू-क्षेत्र, बढ़ते यातायात दबाव और पर्यटन गतिविधियों के चलते लंबे समय से हाईकोर्ट को मैदानी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग उठती रही है। न्यायिक कार्यों के लिए आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों और अधिकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भी अधिक विस्तृत और सुविधाजनक परिसर की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि यदि बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट परिसर स्थापित होता है तो हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक, व्यावसायिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिल सकती है। फिलहाल शासन स्तर पर होने वाले आगामी निर्णयों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
(नोट: यह खबर सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। शासन अथवा संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।)

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