14 साल की किशोरी, 17 साल का किशोर… फेरे पड़ने से पहले पहुंची पुलिस, बाल विवाह रुकवाते ही मचा बवाल

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
14 साल की किशोरी, 17 साल का किशोर… फेरे पड़ने से पहले पहुंची पुलिस, बाल विवाह रुकवाते ही मचा बवाल

देहरादून के लक्ष्मण चौक में प्रशासन, पुलिस और बाल अधिकार आयोग की संयुक्त कार्रवाई; परिजनों ने किया विरोध, किशोरी को नारी निकेतन और किशोर को संरक्षण में भेजा गया।
देहरादून। उत्तराखंड में एक नाबालिग किशोरी और किशोर का बाल विवाह ऐन वक्त पर रुकवा दिया गया। देहरादून के लक्ष्मण चौक क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी 17 वर्षीय किशोर की शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन को मिली, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस, चाइल्डलाइन और समर्पण संस्था की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई और विवाह की रस्में रुकवा दीं।
कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। परिजनों ने टीम की कार्रवाई का विरोध किया और दोनों नाबालिग भी शादी करने की इच्छा जताते रहे। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बालिग होने से पहले विवाह करना कानूनन अपराध है और यह बच्चों के अधिकारों व उनके भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और माहौल को शांत कराया। इसके बाद किशोरी को सुरक्षा के मद्देनजर नारी निकेतन भेज दिया गया, जबकि किशोर को पुलिस संरक्षण में रखा गया है। दोनों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष पेश कर काउंसलिंग कराई जाएगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य बबीता सहोत्रा ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि दोनों नाबालिगों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग कराई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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